पश्चिमी चंपारण। बिहार के पश्चिमी चंपारण जिले के बगहा नगर में विजयादशमी के अवसर पर भव्य रावण दहन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। बगहा के प्रसिद्ध चंडी स्थान मंदिर परिसर में करीब 40 फीट ऊंचे रावण के विशाल पुतले का दहन किया गया। इस दौरान हजारों की संख्या में श्रद्धालु और स्थानीय लोग जुटे। रावण दहन के साथ ही पूरा परिसर जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा।विजयादशमी के मौके पर बगहा में गोरखपुर-बेतिया मुख्य मार्ग यानी एनएच-727 पर भव्य शोभायात्रा निकाली गई। इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। शोभायात्रा के दौरान पूरे क्षेत्र में धार्मिक उत्साह और उल्लास का माहौल देखने को मिला। लोग पारंपरिक तरीके से दशहरा पर्व मनाते नजर आए। बगहा के चंडी स्थान मंदिर परिसर में रावण दहन की परंपरा वर्षों से चली आ रही है। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए इस वर्ष भी भव्य आयोजन किया गया। हाथी के माध्यम से रावण दहन कराया गया। करीब 40 फीट ऊंचा पुतला आग की लपटों में घिरकर धू-धू कर जलने लगा। इस दृश्य को देखने के लिए हजारों लोग मौजूद रहे। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, विजयादशमी के दिन भगवान श्रीराम ने लंकापति रावण का वध कर अधर्म पर धर्म की विजय स्थापित की थी। रावण द्वारा माता सीता का हरण किए जाने के बाद भगवान श्रीराम ने युद्ध कर उन्हें मुक्त कराया था। इसी पौराणिक प्रसंग की याद में हर वर्ष दशहरा मनाया जाता है। बगहा में आयोजित रावण दहन कार्यक्रम ने भी समाज को बुराई का त्याग कर अच्छाई के मार्ग पर चलने का संदेश दिया। यह पर्व याद दिलाता है कि अहंकार, अन्याय और अधर्म चाहे कितने भी शक्तिशाली हों, अंत में सत्य और धर्म की ही जीत होती है।