महानवमी पर 11 कुमारी कन्याओं को कराया भोज, माता स्वरूप पूजन कर सुनील शर्मा ने तोड़ा नौ दिवसीय उपवास सनातन धर्म की प्राचीन परंपरा में कुमारी पूजन का विशेष महत्व, कन्याओं को भोजन कराकर दक्षिणा और उपहार देने के साथ संपन्न हुई नवरात्र की आराधना संवाद सूत्र गोपाल जी कश्यप रजौन (बांका)। शक्ति की आराधना, श्रद्धा और सनातन परंपरा के संगम नवरात्र महापर्व में महानवमी के अवसर पर कुमारी पूजन की प्राचीन परंपरा का निर्वहन किया गया। इसी क्रम में रजौन प्रखंड के चकसफिया गांव स्थित अपने निवास स्थान पर सुनील शर्मा ने 11 कुमारी कन्याओं को माता दुर्गा का स्वरूप मानकर विधि-विधान से भोजन कराया। इसके उपरांत कन्याओं के चरण स्पर्श कर उनका आशीर्वाद लिया तथा दक्षिणा भेंट की। धार्मिक मान्यताओं के अनुरूप कन्या पूजन संपन्न करने के बाद उन्होंने नौ दिनों से चले आ रहे अपने उपवास का पारण किया। सनातन धर्म में नवरात्र के दौरान कुमारी पूजन को विशेष पुण्यदायी परंपरा माना गया है। धार्मिक मान्यता है कि छोटी कन्याओं में मां दुर्गा की शक्ति और पवित्रता का स्वरूप देखा जाता है। इसी आस्था के तहत महानवमी या अष्टमी के दिन श्रद्धालु अपने घरों में कन्याओं को आमंत्रित कर उनके पैर धोते हैं, तिलक लगाते हैं और श्रद्धापूर्वक भोजन कराते हैं। इसके बाद सामर्थ्य के अनुसार दक्षिणा, वस्त्र, फल, मिठाई तथा अन्य उपहार भेंट कर उनका सम्मान करते हैं।