पश्चिमी चंपारण। बच्चों को उनके अधिकारों और सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से मंगलवार को सीटी मांटेसरी पब्लिक स्कूल में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण और बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर आयोजित इस कार्यक्रम में न्यायाधीश सुशील कुमार सिंह ने छात्र-छात्राओं को बाल अधिकार, बाल संरक्षण, गुड टच-बैड टच और साइबर सुरक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दीं। उन्होंने बच्चों को किसी भी अनुचित व्यवहार के खिलाफ आवाज उठाने और बिना डर मदद मांगने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के दौरान न्यायाधीश सुशील कुमार सिंह ने कहा कि पढ़ाई के साथ अपनी सुरक्षा और अधिकारों के प्रति जागरूक रहना भी जरूरी है। यदि कोई व्यक्ति अनुचित व्यवहार करता है या किसी गतिविधि से असहज महसूस होता है, तो बच्चों को चुप नहीं रहना चाहिए। ऐसी स्थिति में तुरंत अपने अभिभावकों, शिक्षकों या किसी भरोसेमंद बड़े को जानकारी देनी चाहिए, ताकि समय रहते उचित कदम उठाया जा सके। कार्यक्रम में मोबाइल और इंटरनेट के सुरक्षित इस्तेमाल पर भी जोर दिया गया। विद्यार्थियों को अनजान लोगों से सतर्क रहने, निजी जानकारी साझा नहीं करने और सोशल मीडिया पर किसी तरह की परेशानी होने पर अभिभावकों को सूचित करने की सलाह दी गई। बच्चों को बताया गया कि जागरूकता और सतर्कता से ऑनलाइन खतरों से बचाव किया जा सकता है। जागरूकता कार्यक्रम में साइबर अपराध की शिकायत के लिए हेल्पलाइन नंबर 1930, कानूनी सहायता के लिए 15100 तथा बाल शोषण और बाल विवाह से संबंधित सहायता के लिए चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 की जानकारी दी गई। इस अवसर पर विद्यालय की प्राचार्य सीमा स्वधा, निदेशक सौरभ के. स्वतंत्र और प्रमोद गुप्ता ने न्यायिक अधिकारी सुशील कुमार सिंह को अंगवस्त्र एवं स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम में शिक्षक और गणमान्य लोग उपस्थित रहे। इस पहल का उद्देश्य बच्चों को सुरक्षित रहने, अपने अधिकार पहचानने और जरूरत पड़ने पर समय पर सहायता लेने के लिए प्रेरित करना था।