बगहा। बदलते मौसम में सेहत के प्रति थोड़ी-सी सतर्कता कई परेशानियों से बचा सकती है। सितंबर, अक्टूबर और नवंबर के दौरान तापमान में उतार-चढ़ाव के कारण सर्दी, खांसी, एलर्जी और सांस संबंधी समस्याएं बढ़ने की आशंका रहती है। ऐसे में बुजुर्गों और पहले से किसी बीमारी से पीड़ित लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। डॉ. पदम भानु सिंह ने लोगों को बदलते मौसम में स्वास्थ्य का ध्यान रखने और जरूरी एहतियात अपनाने की सलाह दी है। डॉ. सिंह के अनुसार, दमा, टीबी, लंबे समय से खांसी और सांस संबंधी अन्य समस्याओं से जूझ रहे लोगों को मौसम में बदलाव के दौरान विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए। तापमान में अचानक बदलाव और ठंड के संपर्क में आने से परेशानी बढ़ सकती है। इसलिए लक्षणों को नजरअंदाज करने के बजाय समय पर चिकित्सकीय परामर्श लेना जरूरी है।दीपावली और छठ की तैयारियों के बीच घरों की साफ-सफाई का सिलसिला भी शुरू हो जाता है। इस दौरान धूल-मिट्टी के संपर्क में आने से छींक, एलर्जी, खांसी और सांस लेने में परेशानी हो सकती है। इससे बचने के लिए सफाई करते समय मास्क पहनें और धूल से बचाव के उपाय अपनाएं। खासकर दमा और एलर्जी से पीड़ित लोग सफाई के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतें। डॉ. सिंह ने मौसम के अनुकूल कपड़े पहनने, ठंड से बचने और संतुलित खानपान अपनाने की सलाह दी। लोगों को ताजा और गर्म भोजन करने तथा साफ पानी पीने पर ध्यान देना चाहिए। जिन लोगों को बहुत ठंडे पानी से परेशानी होती है, वे इससे परहेज कर सकते हैं। बदलते मौसम में स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहना बेहद जरूरी है। बुजुर्गों और पुरानी बीमारियों से पीड़ित लोगों को अपनी सेहत का विशेष ध्यान रखना चाहिए। परेशानी बढ़ने या सांस लेने में दिक्कत होने पर चिकित्सकीय सहायता लें। थोड़ी-सी सावधानी और बेहतर दिनचर्या से त्योहारों की खुशियों को बरकरार रखा जा सकता है।