रानीटीकर में 70 फीट ऊंचे रावण का दहन, 21 हजार से अधिक लोगों ने देखा विजय का उत्सव आतिशबाजी और जय श्रीराम के उद्घोष से गूंजा मेला परिसर, दंगल व रंगारंग कार्यक्रमों ने बांधा समां संवाद सूत्र गोपाल जी कश्यप रजौन (बांका)। असत्य पर सत्य और बुराई पर अच्छाई की विजय के प्रतीक विजयदशमी पर रानीटीकर वैष्णवी दुर्गा मंदिर परिसर में बुधवार देर रात 70 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया गया। इस ऐतिहासिक नजारे को देखने के लिए आसपास के गांवों से करीब 21 हजार से अधिक श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। रावण दहन के साथ ही पूरा परिसर जय श्रीराम और मां दुर्गा के जयकारों से गूंज उठा। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे जिला किसान प्रकोष्ठ के अध्यक्ष विनोद कुमार उर्फ मुकेश सिंह ने रावण के पुतले में अग्नि प्रज्वलित कर दहन कार्यक्रम का शुभारंभ किया। पुतले की विशाल ऊंचाई को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे। लोगों की सुरक्षा के लिए निर्धारित दूरी पर बैरिकेडिंग की गई थी, ताकि श्रद्धालु सुरक्षित स्थान से रावण दहन का आनंद ले सकें। सहायक थाना नवादा बाजार के थाना अध्यक्ष सुजीत कुमार अंचल पुलिस निरीक्षक राजेश कुमार सहित अन्य पुलिस पदाधिकारी और दर्जनों की संख्या में पुरुष व महिला सशस्त्र बल मौके पर सुरक्षा को लेकर तैनात रहे। पुतले में आग लगते ही आसमान रंग-बिरंगी आतिशबाजी से जगमगा उठा। इसके साथ ही रानीटीकर गांव में आयोजित दंगल प्रतियोगिता और बच्चों के रंगारंग कार्यक्रमों ने भी दर्शकों का मन मोह लिया। उत्साह, उमंग और आपसी सौहार्द के बीच रानीटीकर वैष्णवी दुर्गा मंदिर का विजयदशमी मेला शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ।