बेतिया। पश्चिम चंपारण में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर को लेकर सियासी टकराव तेज हो गया है। इंडिया गठबंधन के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने एसआईआर के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के पुतले फूंके गए। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि एसआईआर की प्रक्रिया के दौरान बिहार समेत कई राज्यों में बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं। उन्होंने कहा कि यदि योग्य मतदाताओं के नाम सूची से बाहर किए गए हैं तो यह गंभीर मामला है। प्रदर्शनकारियों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के जिला सचिव ओमप्रकाश क्रांति ने कहा कि एसआईआर के खिलाफ इंडिया गठबंधन की ओर से देशभर में आंदोलन किया जा रहा है। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग की उन्होंने कहा कि जब तक एसआईआर की प्रक्रिया समाप्त नहीं होती और कथित रूप से हटाए गए मतदाताओं के नाम दोबारा नहीं जोड़े जाते, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। वहीं, भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के बिहार राज्य सचिवमंडल सदस्य प्रभु राज नारायण राव ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर लोकतांत्रिक व्यवस्था को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा और संघर्ष को संसद तक ले जाया जाएगा।प्रदर्शन में शांति देवी ने भी मतदाता सूची से नाम हटाए जाने का विरोध किया। इस दौरान “नरेंद्र मोदी इस्तीफा दो” और “नरेंद्र मोदी गद्दी छोड़ो” जैसे नारे लगाए गए। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।