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सहारनपुर: कांग्रेस कार्यकर्ताओं का जोरदार प्रदर्शन, ज्ञापन देने के दौरान पुलिस-प्रशासन पर अभद्रता
(UTTAR PRADESH, SAHARANPUR)
सहारनपुर: कांग्रेस कार्यकर्ताओं का जोरदार प्रदर्शन, ज्ञापन देने के दौरान पुलिस-प्रशासन पर अभद्रता
अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का विधायक के हाथों उद्घाटन
जनजागृती अभियान ता, कृषी विभाग चामोर्शी
जांच के दौरान पदा0 से दुर्व्यवहार एवं असहयोग करने के मामले में बीणा कृषि केंद्र से 10 बिंदुओं पर मांगा गया स्पष्टीकरण
कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने... ज्ञानेश कुमार के घर के गेट पर कालिख से... ज्ञानेश गद्दार और वोट चोर लिख दिया है.... आगरा... उत्तर प्रदेश...
मुजफ्फरनगर मे पन्नी कचरे से भरे ट्रकों का रोजाना आवागमन... वीडियो डालने से कोई खास फर्क तो किसी पर पड नहीं रहा लेकिन कुछ जागरूक लोग आवाज उठाते रहते हैं.....
“रात में टूटा चंपारण तटबंध, मचा हड़कंप; बाढ़ के खतरे के बीच मौके पर पहुंचीं DM और SDM”
यमुना किनारे बेला एस्टेट में 728 लोग रहते हैं। SIR के बाद वोटर लिस्ट में सिर्फ़ एक नाम बचा - बाकी 727 नाम काट दिए गए। ये लोग दशकों से यहाँ रह रहे हैं। 2024 के लोकसभा चुनाव और 2025 के दिल्ली चुनावों में वोट डाल
Deoband 💥मेरा नाम नगमा है मेरा पति मुदस्सिर ओर उसके घर वाले आज रात को मेरी हत्या कर सकते हैं मुझे बचा ली जिये में मरना नहीं चाहती नगमा पति मुदस्सिर मोहल्ला पठानपुरा देवबन्द मुदस्सिर क पिता मुस्तफा. Saharanpur
1958 पासून शेतीची वहिवाट, तरीही पट्ट्यांपासून वंचित; रेगडी-हळदवाहीतील शेतकऱ्यांना तात्काळ पट्टे द्या — प्रणय खुणे यांची मागणी
फतेहपुर में गैस सिलेंडर ब्लास्ट से मकान ढह गया। हादसे में एक ही परिवार के 4 लोगों की मौत हो गई है। 3 लोगों की हालत नाजुक बनी हुई है। ब्लास्ट इतना जोरदार था कि मकान की ईंट ईंट बिखर गईं।
Comments (1)
Indra Kumar Singh
28 Sep, 2026सहारनपुर: कांग्रेस कार्यकर्ताओं का जोरदार प्रदर्शन, ज्ञापन देने के दौरान पुलिस-प्रशासन पर अभद्रता और कपड़े फाड़ने का लगाया आरोप सहारनपुर: सहारनपुर में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं द्वारा विरोध-प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपने के दौरान जमकर हंगामा हुआ। कांग्रेस के जिलाध्यक्ष (राणा जी) ने शासन-प्रशासन और पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से ज्ञापन देने पहुंचे कार्यकर्ताओं के साथ जबरदस्ती की गई, उनके कपड़े और बैनर फाड़े गए। "क्या लोकतंत्र और संविधान की बात करना जुर्म है?" मीडिया से बातचीत करते हुए कांग्रेस नेता ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा, "ज्ञापन देते हुए ऐसा महसूस हुआ जैसे हम अपने ही देश में नहीं हैं। क्या हम लोकतंत्र और संविधान की बात नहीं कर सकते? हम पूरी सभ्यता और कानून के दायरे में रहकर ज्ञापन सौंपने आए थे, लेकिन एसओ और पुलिस बल ने जबरन हमारे कपड़े फाड़ दिए और हमारे बैनर तक छीनकर फाड़ दिए। हम भी जिला अध्यक्ष और जनप्रतिनिधि हैं, हमारे साथ ऐसा बर्ताव किया गया। क्या हम अपनी आवाज भी नहीं उठा सकते?"