बिहार के पश्चिमी चंपारण जिले के वाल्मीकि नगर में एक बार फिर बाघ की चहलकदमी ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। वाल्मीकि टाइगर रिजर्व से सटे हाथी मलखाता गांव में गुरुवार को खेत में बकरियां चरा रहे 60 वर्षीय अकलू यादव पर बाघ ने अचानक हमला कर दिया। इस हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गए। बताया जा रहा है कि अकलू यादव गांव के बाहर अपने मवेशी चरा रहे थे, तभी झाड़ियों में छिपे बाघ ने उन पर हमला बोल दिया। उनकी चीख-पुकार सुनकर आसपास खेतों में काम कर रहे ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर मौके पर पहुंचे। लोगों की भीड़ और शोरगुल देखकर बाघ जंगल की ओर भाग निकला, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। घायल अकलू यादव को पहले अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, वाल्मीकि नगर ले जाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें अनुमंडलीय अस्पताल, बगहा रेफर किया गया। बगहा में इलाज के बाद डॉक्टरों ने बेहतर उपचार के लिए उन्हें जीएमसीएच बेतिया भेज दिया। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से बाघ की गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं, जिससे खेतों में काम करना और मवेशी चराना जोखिम भरा हो गया है। वहीं वन विभाग ने इलाके में गश्त बढ़ाने और बाघ की गतिविधियों पर नजर रखने की बात कही है। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि वे अकेले खेतों या जंगल की ओर न जाएं और किसी भी वन्यजीव की सूचना तुरंत वन विभाग को दें। ग्रामीणों ने बाघ को जल्द पकड़ने और सुरक्षा के स्थायी इंतजाम की मांग की है।