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सिद्धार्थनगर पुलिस की बड़ी कामयाबी: 60 लाख की 308 ग्राम स्मैक के साथ दो तस्कर गिरफ्तार, नेपाल से तस्करी का खुलासा
(UTTAR PRADESH, SIDDHARTH NAGAR)
सिद्धार्थनगर पुलिस की बड़ी कामयाबी: 60 लाख की 308 ग्राम स्मैक के साथ दो तस्कर गिरफ्तार, नेपाल से तस्करी का खुलासा
शाहजहांपुर में उद्योग व्यापार मंडल ने दिया ज्ञापन मीडिया को जानकारी देते
सेवा और श्रद्धा के साथ मनाया अखिलेश यादव का जन्मदिन, 580 मरीजों का हुआ नि:शुल्क स्वास्थ्य परीक्षण
शाहजहांपुर रेलवे स्टेशन स्टेशन अध्यक्ष को व्यापार मंडल के पदाधिकारी ने दिया ज्ञापन
शाहजहांपुर के सहायक नगर आयुक्त संबल पुलिस ने किया गिरफ्तार 100 करोड़ घोटाले
उपेक्षा का शिकार भगवन्तापुर का प्राचीन देवी स्थल, जनप्रतिनिधियों की बेरुखी पर श्रद्धालुओं में नाराजगी
धनाराघाट रोड पर तेज रफ्तार कार ने ई-रिक्शा को मारी टक्कर, आठ माह की गर्भवती महिला की मौत, चार घायल
प्रताप डांड़ी के पास सीमेंट से भरा ट्रक पानी से भरी खाई में पलटा, चालक सुरक्षित
शाहजहांपुर में TET की परीक्षा हुई सुरक्षा के इंतजाम कड़े किए गए
लागत: 12,000 करोड़ जगह: दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस वे उद्घाटन- अभी चंद महीने पहले पीएम मोदी द्वारा हुआ क्या: पहली बारिश ही नहीं झेल पाया, बड़े बड़े गड्ढे हो गए कुछ लोगों ने सफ़र कर रहे लोगों को आगाह किया
मुस्लिम समाज के संकल्प से लाखों गाय बचीं, सरकार ने नहीं की सराहना: शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद पूरनपुर। नगर के एक होटल में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने पत्रकारों से बातचीत में गाय को राष्ट्रीय माता घोषित करने की मांग दोहराई और सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जिस सरकार ने गाय के नाम पर वोट लेकर सत्ता हासिल की, वही आज इस मुद्दे पर राजनीति कर रही है। उनका आरोप था कि गाय को राष्ट्रीय माता घोषित करने की मांग लंबे समय तक मुस्लिम विरोध के नाम पर टाली गई।शंकराचार्य ने कहा कि 78 वर्ष बाद मुस्लिम समाज के लोगों ने भी गाय को राष्ट्रीय माता घोषित करने की मांग का समर्थन किया तथा गाय न खरीदने और न काटने का संकल्प लिया। उन्होंने दावा किया कि इस संकल्प का पालन भी किया गया, जिससे ईद के अवसर पर लाखों गाय कटने से बच गईं। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद सरकार ने इस पहल की कोई सराहना नहीं की। उन्होंने कहा कि जब वेद-पुराणों में गाय को माता का दर्जा दिया गया है, तो केंद्र और राज्य सरकार को इसे राष्ट्रीय माता घोषित करने में क्या आपत्ति है। उन्होंने कहा कि अब सभी समाज के लोग इस मुद्दे पर साथ आ रहे हैं और वे अपने मतदान का उपयोग उसी दल के समर्थन में करेंगे जो गाय को राष्ट्रीय माता घोषित करेगा। साथ ही उन्होंने सवाल उठाया कि जब संत लोभ-मोह त्यागकर भगवान की आराधना के लिए जीवन समर्पित करता है, तो उसे मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठने की आवश्यकता क्यों पड़ती है।
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