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ISRO Chairman V Narayanan's statement: Successful test of CE-20 engine, India and Japan's cooperation on Chandrayaan-5 project #Technology
Ashok Pawar MD
(KARNATAKA, BANGALORE URBAN)
ISRO Chairman V Narayanan's statement: Successful test of CE-20 engine, India and Japan's cooperation on Chandrayaan-5 project #Technology
UP के प्रतापगढ़ जिले से दिनभर की बड़ी खबरें। 17/06/2026 #pratapgarh #latestnews @reporteJitendra
आज शिवसेना उबाठा वतीने आय जी सुनिल कुमार शर्मा यांना निट आणि सेट परीक्षा घोटाळा प्रश्नाबाबत निवेदन दिले.
▶️.....कोटा: राहुल गांधी की सभा में छात्रों की भारी भीड़*
आज कोल्हापूर मध्ये शिवसेना उबाठा वतीने तहसीलदार यांना रेशन संबंधित निवेदन देण्यात आले.
▶️उत्तर प्रदेश◀️ जिला मिर्जापुर की कलक्ट्रेट में फर्जी इंस्पेक्टर पकड़ा गया*। बालों का स्टाइल, दाढ़ी, सिंगल स्टार, ढीली वर्दी...इन सबसे पब्लिक को शक हुआ। ऑन द स्पॉट ही इसे पकड़कर फैक्ट चेक कर डाला।
आज राजू शेट्टी यांनी व्हिडिओ द्वारे महाराष्ट्र शासन पाण्याचा उपयोग कर्नाटक साठी कसा करत आहे .याबाबत प्रत्यक्ष परिस्थिती दाखविली.
ठाकरे गटाचे खासदार उध्दव ठाकरे यांच्या कार्यपद्धतीवर नाराज,माजी मंत्री अशोक सराफ
▶️.....एमपी के बैतूल में पुलिस को शिकायत मिली वो पति पत्नी के बीच झगड़े को सुलझाने गई .. लेकिन खुद झगड़े में उलझ गई!
MANT-लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर जयंती समारोह, केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी ने किसानों और युवाओं को दिया संदेश,,
▶️......राजधानी लखनऊ में भारत-अफगानिस्तान वनडे मैच को लेकर लखनऊ पुलिस हाई अलर्ट पर!!
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Ashok Pawar MD
16 Mar, 2025ISRO Chairman V Narayanan's statement: Successful test of CE-20 engine, India and Japan's cooperation on Chandrayaan-5 project बेंगलुरु: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के अध्यक्ष वी नारायणन ने एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। उन्होंने बताया कि इसरो ने अपने सीई-20 इंजन का 100 सेकंड के लिए उड़ान स्वीकृति परीक्षण सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। यह परीक्षण भारत के अंतरिक्ष मिशनों के लिए एक बड़ी उपलब्धि है, खासकर चंद्रयान-5 मिशन के संदर्भ में। इसके अलावा, वी नारायणन ने यह भी बताया कि भारत और जापान को चंद्रयान-5 रॉकेट परियोजना पर सहयोग करने की अनुमति दी गई है। यह सहयोग दोनों देशों के बीच अंतरिक्ष अन्वेषण के क्षेत्र में साझेदारी को और मजबूत करेगा और भारत-जापान के रिश्तों में एक नई दिशा प्रदान करेगा। यह उपलब्धि इसरो के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, जो भविष्य में चंद्रयान-5 के सफल प्रक्षेपण की दिशा में अहम साबित हो सकती है।