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ಬೆಂಗಳೂರು: ವ್ಯಸನ ಮುಕ್ತ ಕೇಂದ್ರದಲ್ಲಿ ಅಮಾನವೀಯತೆ, ನಿರಾಕರಿಸಿದ್ದಕ್ಕೆ ರೋಗಿಗೆ ಕ್ರೂರವಾಗಿ ಥಳಿಸಲಾಗಿದೆ.#latest_news
Ashok Pawar MD
(KARNATAKA, BANGALORE URBAN)
ಬೆಂಗಳೂರು: ವ್ಯಸನ ಮುಕ್ತ ಕೇಂದ್ರದಲ್ಲಿ ಅಮಾನವೀಯತೆ, ನಿರಾಕರಿಸಿದ್ದಕ್ಕೆ ರೋಗಿಗೆ ಕ್ರೂರವಾಗಿ ಥಳಿಸಲಾಗಿದೆ.#latest_news
UP के प्रतापगढ़ जिले से दिनभर की बड़ी खबरें। 17/06/2026 #pratapgarh #latestnews @reporteJitendra
आज शिवसेना उबाठा वतीने आय जी सुनिल कुमार शर्मा यांना निट आणि सेट परीक्षा घोटाळा प्रश्नाबाबत निवेदन दिले.
▶️.....कोटा: राहुल गांधी की सभा में छात्रों की भारी भीड़*
आज कोल्हापूर मध्ये शिवसेना उबाठा वतीने तहसीलदार यांना रेशन संबंधित निवेदन देण्यात आले.
▶️उत्तर प्रदेश◀️ जिला मिर्जापुर की कलक्ट्रेट में फर्जी इंस्पेक्टर पकड़ा गया*। बालों का स्टाइल, दाढ़ी, सिंगल स्टार, ढीली वर्दी...इन सबसे पब्लिक को शक हुआ। ऑन द स्पॉट ही इसे पकड़कर फैक्ट चेक कर डाला।
आज राजू शेट्टी यांनी व्हिडिओ द्वारे महाराष्ट्र शासन पाण्याचा उपयोग कर्नाटक साठी कसा करत आहे .याबाबत प्रत्यक्ष परिस्थिती दाखविली.
ठाकरे गटाचे खासदार उध्दव ठाकरे यांच्या कार्यपद्धतीवर नाराज,माजी मंत्री अशोक सराफ
▶️.....एमपी के बैतूल में पुलिस को शिकायत मिली वो पति पत्नी के बीच झगड़े को सुलझाने गई .. लेकिन खुद झगड़े में उलझ गई!
MANT-लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर जयंती समारोह, केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी ने किसानों और युवाओं को दिया संदेश,,
▶️......राजधानी लखनऊ में भारत-अफगानिस्तान वनडे मैच को लेकर लखनऊ पुलिस हाई अलर्ट पर!!
Comments (1)
Ashok Pawar MD
16 Apr, 2025Bengaluru: Inhumanity in a de-addiction centre, patient brutally beaten up when he refused बेंगलुरु के एक नशामुक्ति केंद्र से एक हैरान और चिंताजनक मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार, एक मरीज ने जब वार्डन के कपड़े धोने और टॉयलेट साफ करने से इनकार किया, तो केंद्र के स्टाफ ने उसकी बेरहमी से पिटाई कर दी। इस अमानवीय व्यवहार ने एक बार फिर नशामुक्ति केंद्रों में हो रहे मानवाधिकार हनन को उजागर किया है। बताया जा रहा है कि पीड़ित मरीज को शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। घटना के सामने आने के बाद स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। साथ ही, पीड़ित के परिवार ने केंद्र के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। यह मामला नशामुक्ति केंद्रों में निगरानी और जवाबदेही की गंभीर कमी को उजागर करता है। मानवाधिकार संगठनों ने भी इस पर कड़ा संज्ञान लेने की मांग की है, ताकि ऐसे संस्थानों में रहने वाले मरीजों को इज्जत और सुरक्षा मिल सके।