रविवार की छुट्टी ने दीपोत्सव की खरीदारी में भरा दोगुना उत्साह, सुबह से देर शाम तक बाजारों में उमड़ी खरीदारों की भीड़ मिठाई, पटाखे, रंगोली और पूजन सामग्री की दुकानों पर रही विशेष चहल-पहल; मिट्टी के दीये, गणेश-लक्ष्मी की प्रतिमाओं और पारंपरिक सामानों की खूब हुई बिक्री संवाद सूत्र गोपाल जी कश्यप रजौन (बांका)। दीपावली के उल्लास और रोशनी के महापर्व दीपोत्सव को लेकर रविवार, 8 नवंबर को रजौन सहित आसपास के बाजारों में उत्साह का अनूठा नजारा देखने को मिला। रविवार का अवकाश होने के कारण सुबह से ही बाजारों में खरीदारों की आवाजाही शुरू हो गई, जो देर शाम तक लगातार बनी रही। बच्चे, युवा, महिलाएं, युवतियां और बुजुर्ग सभी त्योहार की तैयारियों में जुटे नजर आए। मिठाई और पटाखों की दुकानों से लेकर कपड़े, रंगोली, सजावटी सामान, पूजा सामग्री तथा गणेश-लक्ष्मी की प्रतिमाओं की दुकानों पर ग्राहकों की अच्छी-खासी भीड़ रही। बाजारों की रौनक और खरीदारी के उत्साह ने पूरे माहौल को दीपावली के रंग में रंग दिया। त्योहार को लेकर बाजारों में सजी दुकानों पर सुबह से ही ग्राहकों का पहुंचना शुरू हो गया था। खासकर मिठाई की दुकानों पर विभिन्न प्रकार की मिठाइयों की खरीदारी के लिए लोगों की भीड़ जुटी रही। कोई परिवार के लिए मिठाइयां खरीद रहा था तो कोई रिश्तेदारों, मित्रों और शुभचिंतकों के बीच त्योहार की खुशियां बांटने के लिए मिठाई के डिब्बे तैयार करवा रहा था। वहीं, बच्चों और युवाओं में पटाखों को लेकर खासा उत्साह दिखाई दिया। पटाखों की दुकानों पर बच्चे अपने अभिभावकों के साथ पहुंचकर पसंद के पटाखे और आतिशबाजी के सामान खरीदते नजर आए। पारंपरिक दीयों और पूजा सामग्री की बढ़ी मांग दीपावली के अवसर पर इस बार भी पारंपरिक मिट्टी के दीयों की खरीदारी को लेकर लोगों में विशेष आकर्षण देखा गया। कुम्हारों के हाथों से तैयार किए गए मिट्टी के दीये, कोपी, बाटी सहित अन्य पारंपरिक मिट्टी के बर्तनों और पूजन उपयोग की वस्तुओं की दुकानों पर ग्राहकों की आवाजाही बनी रही। आधुनिक सजावटी लाइटों और बिजली की झालरों के बीच मिट्टी के दीयों के प्रति लोगों का लगाव बाजारों में साफ दिखाई दिया। घरों के आंगन, दरवाजों, छतों और पूजा स्थलों को रोशन करने के लिए लोगों ने अपनी जरूरत के अनुसार दीयों की खरीदारी की। वहीं, भगवान गणेश और माता लक्ष्मी की