अमेठी। दीपावली का त्योहार सिर्फ अपने घरों को रोशन करने का नहीं, बल्कि दूसरों के जीवन में भी खुशियों का उजाला भरने का पर्व है। इसी भावना को साकार करते हुए संग्रामपुर थाना प्रभारी संजय सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मानवता और संवेदनशीलता की अनूठी मिसाल पेश की। रविवार को पुलिस टीम शंकरपुर और टीकरमाफी पहुंची, जहां गरीब और जरूरतमंद बच्चों के साथ दीपावली की खुशियां साझा की गईं। रविवार सुबह करीब 11 बजे थाना प्रभारी संजय सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने दोनों स्थानों पर बच्चों को मिठाई, खिलौने, फुलझड़ियां और पटाखे वितरित किए। खाकी वर्दी में पुलिसकर्मियों को अपने बीच पाकर बच्चे उत्साहित नजर आए। जैसे ही उन्हें दीपावली के उपहार मिले, उनके चेहरे खुशी से खिल उठे। किसी के हाथ में मिठाई का डिब्बा था तो कोई खिलौना पाकर खुशी से झूम उठा। बच्चों ने मुस्कुराते हुए पुलिसकर्मियों का आभार जताया। इस दौरान पुलिसकर्मियों ने बच्चों को दीपावली के महत्व और त्योहार से जुड़ी परंपराओं के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने बच्चों के साथ समय बिताकर उन्हें अपनापन महसूस कराया और त्योहार की खुशियां साझा कीं। परिवार से दूर रहकर रोशन की दूसरों की दिवाली ड्यूटी की जिम्मेदारियों के चलते कई पुलिसकर्मी अपने परिवार से दूर रहे, लेकिन उन्होंने शंकरपुर और टीकरमाफी में जरूरतमंद बच्चों के बीच पहुंचकर उनकी दीपावली को यादगार बना दिया। पुलिसकर्मियों ने बच्चों और उनके परिजनों से बातचीत कर खुशियों के इस पर्व पर उनके साथ समय बिताया। थाना प्रभारी संजय सिंह के नेतृत्व में संग्रामपुर पुलिस की इस पहल की क्षेत्र में सराहना हो रही है। पुलिसकर्मियों ने अपने इस प्रयास से संदेश दिया कि खाकी सिर्फ कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी निभाने तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के जरूरतमंद लोगों के चेहरों पर मुस्कान लाने में भी अहम भूमिका निभाती है। पुलिस की इस मानवीय पहल ने दीपावली के अवसर पर सेवा, संवेदना और इंसानियत की सच्ची तस्वीर पेश की।