बलरामपुर जिले के उतरौला विकासखंड क्षेत्र के ग्राम पंचायत कटरा में कराया जा रहा इंटरलॉकिंग कार्य भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि इंटरलॉकिंग के लिए लगाई गई एजिंग में मानकों को ताक पर रख दिया गया है। एजिंग में पीली ईंट और राप्ती नदी की बालू का धड़ल्ले से प्रयोग किया जा रहा है। इतना ही नहीं, इंटरलॉकिंग के नीचे बिछाई गई बजरी भी पीली ईंटों की है। सवाल ये उठता है कि जब नींव ही कमजोर होगी, तो इंटरलॉकिंग की मजबूती क्या होगी? ग्रामीणों ने कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खड़े करते हुए जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग की है। अब देखना होगा कि इस मामले में प्रशासन जांच कर कार्रवाई करता है, या फिर संबंधित अधिकारी मलाई काटते रहेंगे और ग्रामीण सिर्फ कार्रवाई की मांग करते रहेंगे।