*जनपद अमेठी में कैच-अप शिक्षण से बच्चों की शैक्षिक दक्षताओं को मिलेगा नया आयाम, विद्यालयों में बनेगा कैच-अप रजिस्टर।* अमेठी। जनपद के परिषदीय विद्यालयों एवं कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में अध्ययनरत प्रत्येक विद्यार्थी को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने तथा अधिगम स्तर में सुधार लाने के उद्देश्य से जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, अमेठी संजय तिवारी द्वारा कैच-अप शिक्षण व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए महत्वपूर्ण पहल की गई है। जनपद स्तरीय टास्क फोर्स की समीक्षा बैठक दिनांक 16 अक्टूबर 2026 में दिए गए निर्देशों के क्रम में विद्यालयों में बच्चों की विषयवार शैक्षिक दक्षताओं का आकलन कर उन्हें उनके अधिगम स्तर के अनुसार समूहों में विभाजित किया जाएगा। इसके लिए प्रत्येक माह की 30 तारीख तक बेसलाइन आकलन के उपरांत कैच-अप रजिस्टर में विद्यार्थियों का विवरण अंकित किया जाएगा। इस व्यवस्था के अंतर्गत विद्यार्थियों को तीन समूहों में विभाजित किया जाएगा। A समूह (उच्च स्तर) में अधिगम लक्ष्य पूर्ण करने वाले, B समूह (मध्यम स्तर) में सहयोग के साथ प्रगति करने वाले तथा C समूह (निम्न स्तर) में अतिरिक्त शैक्षिक सहयोग की आवश्यकता वाले विद्यार्थियों को शामिल किया जाएगा। इससे प्रत्येक बच्चे की आवश्यकता के अनुरूप शिक्षण गतिविधियों की योजना तैयार करना आसान होगा। विद्यार्थियों के अधिगम स्तर में सुधार के लिए प्रत्येक शनिवार को मध्यम एवं निम्न स्तर के बच्चों हेतु गतिविधि आधारित विशेष शिक्षण सत्र आयोजित किए जाएंगे। इन सत्रों में अभ्यास, पुनरावृत्ति, व्यक्तिगत मार्गदर्शन एवं शिक्षण सामग्री के माध्यम से बच्चों की भाषा एवं गणित सहित विषयवार दक्षताओं को सुदृढ़ किया जाएगा। इस पहल की विशेषता यह है कि कैच-अप शिक्षण को समावेशी एवं सकारात्मक बनाया जाएगा, जिससे किसी भी विद्यार्थी में हीनभावना उत्पन्न न हो। कमजोर अधिगम स्तर वाले बच्चों को अतिरिक्त सहयोग प्रदान करते हुए उन्हें मुख्यधारा के शिक्षण से जोड़ने पर विशेष बल दिया जाएगा। प्रधानाध्यापकों द्वारा कैच-अप शिक्षण की मासिक समीक्षा की जाएगी। एसआरजी, एआरपी एवं डायट मेंटर्स विद्यालयों के सहयोगात्मक पर्यवेक्षण के दौरान कैच-अप रजिस्टर का अवलोकन कर शिक्षण गतिविधियों की गुणवत्ता सुनिश्चित करेंगे।