पश्चिमी चंपारण। बिहार के पश्चिमी चंपारण जिले के रामनगर थाना क्षेत्र में शिब्बू खान हत्याकांड को लेकर पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं। वाल्मीकि नगर के कांग्रेस विधायक सुरेंद्र प्रसाद गुरुवार को मेघवल मठिया गांव पहुंचे और मृत बालक के परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता दी और न्याय दिलाने के लिए हरसंभव मदद का भरोसा दिया। इस दौरान विधायक ने पुलिस पर कथित लापरवाही का आरोप लगाते हुए मामले में त्वरित कार्रवाई नहीं होने पर नाराजगी जताई। विधायक सुरेंद्र प्रसाद ने कहा कि शिब्बू के अपहरण के बाद अपहरणकर्ताओं ने परिजनों से फिरौती मांगी थी और बच्चे की हत्या करने की धमकी भी दी थी। परिजनों ने इसकी सूचना पुलिस को दी थी, लेकिन उनके अनुसार समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। विधायक ने सवाल उठाया कि गंभीर सूचना मिलने के बावजूद पुलिस ने तत्परता क्यों नहीं दिखाई। उन्होंने कहा कि अपहरण और हत्या जैसी घटनाएं बेहद दुखद और निंदनीय हैं। पुलिस प्रशासन को शिकायत मिलते ही गंभीरता से कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि अपराधियों पर समय रहते अंकुश लगाया जा सके। विधायक ने कहा कि पुलिस सक्रिय और सतर्क रहे तो ऐसी घटनाओं को रोकने में मदद मिल सकती है। विधायक ने बताया कि उन्होंने इस मामले को लेकर एसडीपीओ से बातचीत की है। उनके अनुसार, एसडीपीओ ने आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए एक सप्ताह का समय मांगा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि निर्धारित अवधि में आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। परिजनों से मिली जानकारी का हवाला देते हुए विधायक ने कहा कि कथित तौर पर महज 20 हजार रुपये की फिरौती के लिए शिब्बू की हत्या की गई। उन्होंने परिवार की आर्थिक स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि वह पीड़ित परिवार के साथ खड़े हैं और उसे न्याय दिलाने के लिए हरसंभव प्रयास करेंगे। अब निगाहें पुलिस की कार्रवाई पर टिकी हैं। देखना होगा कि आरोपितों की गिरफ्तारी कब होती है और पीड़ित परिवार को न्याय कब मिल पाता है।