पश्चिमी चंपारण। बिहार के पश्चिमी चंपारण जिले के बगहा नगर स्थित शास्त्री नगर के पनसेरवा बाबा परिसर में दशमी के पावन अवसर पर ब्रह्माकुमारी बहनों की ओर से चैतन्य देवियों की भव्य झांकी का आयोजन किया गया। इस आयोजन के माध्यम से नारी शक्ति, आत्मसम्मान और आध्यात्मिक जागरूकता का संदेश दिया गया। झांकी देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। कार्यक्रम का शुभारंभ अर्पणा सिंह उर्फ बहुरानी और ब्रह्माकुमारी बहनों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। इस दौरान पश्चिमी चंपारण की बीके अविता दीदी, रेखा बहन, पूजा बहन, अन्नू बहन, मनीषा बहन और ज्योति बहन सहित अन्य बहनें मौजूद रहीं। कार्यक्रम में ब्रह्माकुमारी बहनों ने बहुरानी और उपस्थित पत्रकार को अंगवस्त्र ओढ़ाकर सम्मानित किया। अर्पणा सिंह उर्फ बहुरानी ने कहा कि चैतन्य देवियों की झांकी का उद्देश्य लोगों को अपनी बुराइयों को पहचानने और उन्हें दूर करने की प्रेरणा देना है। मां दुर्गा का स्वरूप साहस, शक्ति और अन्याय के विरुद्ध खड़े होने का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि नारी अबला नहीं, बल्कि सबला है। यदि महिला दृढ़ संकल्प कर ले, तो बड़ी से बड़ी चुनौती का सामना कर सकती है। महिलाओं को अपनी शक्ति पहचानकर आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ना चाहिए। बी.के अविता दीदी ने बताया कि प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की ओर से प्रतिवर्ष नवरात्र के अवसर पर तीन दिवसीय चैतन्य झांकी का आयोजन किया जाता है। उन्होंने कहा कि मां दुर्गा, मां लक्ष्मी और मां सरस्वती शक्ति, समृद्धि और ज्ञान की प्रतीक हैं। महिलाओं के प्रति सम्मान केवल पर्व-त्योहार तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि दैनिक जीवन में भी उनके प्रति सम्मानजनक दृष्टिकोण रखना चाहिए। चैतन्य देवियों की इस भव्य झांकी के माध्यम से श्रद्धालुओं को आत्मशक्ति पहचानने, सकारात्मक सोच अपनाने और समाज में नारी सम्मान को बढ़ावा देने का संदेश दिया गया।