मोदी हाट दुर्गा मंदिर में पालकी पर सवार होकर पहुंचीं मां दुर्गा, आज होगी प्राण प्रतिष्ठा; महाष्टमी पर खुलेगा पट सप्तमी की संध्या वैदिक मंत्रोच्चार के बीच मां का हुआ आमंत्रण, अष्टमी की सुबह पूजा-अर्चना के बाद सदियों पुरानी डलिया चढ़ाने की परंपरा निभाएंगे श्रद्धालु संवाद सूत्र गोपाल जी कश्यप रजौन (बांका)। शारदीय नवरात्र के पावन अवसर पर रजौन बाजार स्थित मोदी हाट दुर्गा मंदिर में भक्ति और आस्था का उल्लास चरम पर पहुंच गया है। सप्तमी पूजा की संध्याकालीन बेला में वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक विधि-विधान के बीच मां दुर्गा का आमंत्रण किया गया। धार्मिक परंपरा के अनुसार, आमंत्रण स्वीकार करने के बाद माता रानी पालकी पर सवार होकर मंदिर प्रांगण पहुंचीं। मां के आगमन के साथ ही मंदिर परिसर भक्तिमय हो उठा। शनिवार को प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा होगी, जबकि रविवार, 18 अक्टूबर 2026 को महाष्टमी की पूजा के बाद श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए मां का दरबार खोल दिया जाएगा। प्राण प्रतिष्ठा के बाद खुलेगा मां का दरबार सप्तमी पूजा के संध्याकालीन अनुष्ठान के बाद माता रानी की प्रतिमा को मंदिर के मुख्य मेढ़ पर स्थापित किया गया। शनिवार को वैदिक मंत्रोच्चार के बीच प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी। इसके बाद रविवार को महाष्टमी की पूजा-अर्चना के उपरांत श्रद्धालु मां दुर्गा के दर्शन कर सकेंगे। पट खुलने के साथ ही मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है। इसे देखते हुए पूजा समिति के सदस्य तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। महाष्टमी पर डलिया चढ़ाने की सदियों पुरानी परंपरा मोदी हाट दुर्गा मंदिर में महाष्टमी के अवसर पर डलिया चढ़ाने की परंपरा लंबे समय से चली आ रही है। रविवार की सुबह मां दुर्गा की विधिवत पूजा-अर्चना के बाद श्रद्धालु डलिया चढ़ाकर माता रानी से सुख-समृद्धि और मंगलकामना की प्रार्थना करेंगे। इस पारंपरिक अनुष्ठान को लेकर स्थानीय श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह रहता है। श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पूजा समिति की ओर से डलिया चढ़ाने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है, ताकि महिलाओं सहित सभी भक्त सुगमतापूर्वक पूजा-अर्चना कर सकें। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन सतर्क महाष्टमी के अवसर पर श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए स्थानीय पुलिस प्रशासन भी सतर्क है।