पूर्वी चंपारण। दुर्गा पूजा को लेकर जिले भर में भव्य पूजा पंडालों का निर्माण किया गया है। मां दुर्गा के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। पूजा पंडालों में किसी भी प्रकार की अग्नि दुर्घटना को रोकने के लिए जिला अग्निशमन विभाग ने आवश्यक सावधानियां अपनाने की अपील की है। जिला अग्निशमन पदाधिकारी, पूर्वी चंपारण, मो. आरिफुज्जमा ने पूजा समितियों से पंडालों में अग्नि सुरक्षा के मानकों का पालन सुनिश्चित करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि पूजा के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटती है। ऐसे में बिजली की सजावट, अस्थायी वायरिंग, रोशनी के उपकरणों और ज्वलनशील सामग्रियों के इस्तेमाल में विशेष सावधानी बरतना आवश्यक है। उन्होंने पूजा समितियों को पंडाल परिसर में अग्निशमन यंत्र की व्यवस्था रखने, बिजली के तारों को सुरक्षित तरीके से लगाने तथा किसी भी प्रकार की शॉर्ट सर्किट की आशंका को दूर करने पर ध्यान देने की सलाह दी। पंडाल के प्रवेश और निकास द्वार को बाधामुक्त रखने के साथ-साथ आपात स्थिति में लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने की व्यवस्था भी जरूरी है। इसके अलावा पूजा पंडालों में धूम्रपान और खुले में आग जलाने से बचने, विद्युत उपकरणों की नियमित जांच कराने तथा अग्निशमन विभाग के दिशा-निर्देशों का पालन करने पर जोर दिया गया। आयोजकों को यह भी ध्यान रखना चाहिए कि आपात स्थिति में दमकल वाहन आसानी से पंडाल तक पहुंच सकें। जिला अग्निशमन पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि थोड़ी सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। इसलिए पूजा समितियों, स्वयंसेवकों और श्रद्धालुओं को अग्नि सुरक्षा के प्रति जागरूक रहना चाहिए। सतर्कता और उचित इंतजाम से दुर्गा पूजा का आयोजन सुरक्षित एवं शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराया जा सकता है।