ऑनलाइन दाखिल-खारिज के विरोध में अधिवक्ताओं का क्रमिक अनशन दूसरे दिन भी जारी बाइक रैली निकालकर जताया विरोध, 685 मुकदमों की सुनवाई ठप; 17वें दिन भी रजिस्ट्री कार्यालय में नहीं हुआ पंजीकरण उतरौला (बलरामपुर)। ऑनलाइन नामांतरण एवं दाखिल-खारिज प्रक्रिया के विरोध में उतरौला तहसील के अधिवक्ताओं का क्रमिक अनशन बुधवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। आंदोलन के दूसरे दिन 40 अधिवक्ताओं ने अनशन पर बैठकर विरोध जताया। अधिवक्ताओं के आंदोलन के चलते दीवानी एवं तहसील न्यायालयों में सूचीबद्ध 685 वादों की सुनवाई नहीं हो सकी। वहीं, लगातार 17वें दिन भी रजिस्ट्री कार्यालय में किसी दस्तावेज का पंजीकरण नहीं हुआ। इससे जमीन की खरीद-फरोख्त करने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बुधवार को अधिवक्ताओं ने तहसील परिसर स्थित अनशन स्थल से बाइक रैली निकाली। रैली मुख्य बाजार से होते हुए पुनः तहसील परिसर पहुंचकर समाप्त हुई। इस दौरान अधिवक्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए ऑनलाइन दाखिल-खारिज प्रक्रिया को समाप्त कर पूर्व की व्यवस्था बहाल करने की मांग उठाई। अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष प्रह्लाद यादव और महामंत्री रवि शंकर मिश्र ने ऑनलाइन दाखिल-खारिज प्रक्रिया पर विरोध जताते हुए प्रशासन से अपनी हठधर्मिता छोड़ने तथा अधिवक्ताओं की मांगों पर गंभीरता से विचार करने की अपील की। पूर्व अध्यक्ष अखिलेश सिंह ने कहा कि जनता पर जबरन कोई नियम नहीं थोपा जाना चाहिए। वहीं, पूर्व अध्यक्ष देवेंद्र कुमार ने ऑनलाइन नामांतरण प्रक्रिया को काला कानून बताते हुए कहा कि जब तक इस प्रक्रिया को वापस नहीं लिया जाता, तब तक अधिवक्ताओं का आंदोलन जारी रहेगा। इन अधिवक्ताओं ने किया अनशन क्रमिक अनशन के दूसरे दिन मोहम्मद खलील खान, देवेंद्र कुमार, रामचंद्र जायसवाल, सियाराम मिश्र, अलाउद्दीन खान, ओपी सिंह, भूषण लाल, गजनफर अली, आयशा फैजान, मिशम, अजीत यादव, प्रेमनाथ वर्मा, शुभम गुप्ता, रामचंदर, आदित्य कुमार, मोहम्मद कैश और इरफान खान सहित अन्य अधिवक्ता अनशन पर बैठे। अनशन स्थल पर मौजूद रहे अधिवक्ता इस दौरान नसीम अहमद, अरविंद श्रीवास्तव, सतीश वर्मा, डीएन सिंह, ओम प्रकाश श्रीवास्तव, अखिलेश तिवारी, आरके पांडेय, इजहारुल हसन, अजय विमल, सीबी माथुर, मुस्तफा हैदर, अजीत मौर्य, आशीष कसौधन, रॉकी, शादाब खान, अखिल श्रीवास्तव, दीप चंद्र गुप्त