बांका की 20 पंचायतें टीबी मुक्त, मुखिया और जनप्रतिनिधि सम्मानित रजौन की ओड़हारा और कठचातर-लीलातरी पंचायत को भी मिला सम्मान, डीएम अंशुल अग्रवाल ने प्रशस्ति पत्र देकर बढ़ाया हौसला संवाद सूत्र गोपाल जी कश्यप /रजौन बांका टीबी उन्मूलन अभियान में उत्कृष्ट कार्य कर बांका जिले की 20 पंचायतों ने उपलब्धि हासिल की है। वर्ष 2025 में टीबी मुक्त घोषित इन पंचायतों के मुखिया और मुखिया प्रतिनिधियों को समाहरणालय सभागार में आयोजित कार्यक्रम में जिला पदाधिकारी अंशुल अग्रवाल ने प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। इस उपलब्धि में रजौन प्रखंड की ओड़हारा पंचायत और कठचातर-लीलातरी पंचायत भी शामिल हैं। दोनों पंचायतों के मुखिया को सम्मानित किए जाने से रजौन प्रखंड में खुशी का माहौल है। ओड़हारा पंचायत के मुखिया प्रवीण कुमार सिंह तथा कठचातर-लीलातरी पंचायत की मुखिया प्रियंका कुमारी को टीबी मुक्त पंचायत की दिशा में सराहनीय एवं उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मान मिला। यह सम्मान पंचायत स्तर पर स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने, टीबी उन्मूलन अभियान को गति देने और स्वस्थ समाज के निर्माण की दिशा में किए गए प्रयासों की पहचान है। कार्यक्रम के दौरान युवाओं को टीबी उन्मूलन अभियान से जोड़ने के उद्देश्य से ‘जोश’ कार्यक्रम की शुरुआत भी की गई। इसके माध्यम से युवाओं की भागीदारी बढ़ाने और समाज में टीबी के प्रति जागरूकता फैलाने पर जोर दिया गया। जिला पदाधिकारी अंशुल अग्रवाल ने कहा कि टीबी के खिलाफ लड़ाई केवल स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें समाज के प्रत्येक व्यक्ति की भागीदारी जरूरी है। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से टीबी मरीजों की पहचान, समय पर जांच और उपचार सुनिश्चित कराने के साथ-साथ उन्हें सरकार की ओर से मिलने वाली आवश्यक सुविधाओं का लाभ दिलाने में सहयोग करने की अपील की। कार्यक्रम में सिविल सर्जन डॉ. जितेंद्र कुमार सिंह और जिला संचारी रोग पदाधिकारी डॉ. विजय कुमार ने भी टीबी उन्मूलन अभियान की सफलता के लिए सामुदायिक सहयोग को आवश्यक बताया। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के साथ पंचायत प्रतिनिधियों और आम लोगों की सक्रिय भागीदारी पर जोर दिया। बांका जिले की 20 पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित किया जाना स्वास्थ्य जागरूकता और सामूहिक प्रयासों की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है।