6 माह के बच्चे की मौत के बाद परिजनों के आरोप-प्रत्यारोप, अस्पताल संचालक के बयान पर उठे सवाल धौलपुर। मित्तल कॉलोनी स्थित जीवांश हॉस्पिटल में छह माह के बच्चे की सात दिन तक इलाज के बाद मौत के मामले ने परिजनों और अस्पताल प्रबंधन के बीच विवाद खड़ा कर दिया है। बच्चे की मौत के बाद परिजन भावुक हालत में अस्पताल पहुंचे और परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों को लेकर अस्पताल संचालक डॉक्टर नीरज त्यागी ने अलग पक्ष सामने रखा। अस्पताल संचालक डॉ. नीरज त्यागी की ओर से कथित तौर पर कहा गया कि उन्हें रजत अग्रवाल का फोन आया था और बताया गया कि परिजन पैसों को लेकर नाटक कर रहे हैं। वहीं, रजत अग्रवाल ने इस बात से स्पष्ट रूप से इनकार किया है। रजत अग्रवाल का कहना है कि उनकी डॉक्टर नीरज त्यागी से पैसों को लेकर ऐसी कोई बातचीत नहीं हुई। इस बातचीत से संबंधित ऑडियो रिकॉर्डिंग उपलब्ध होने का भी दावा किया गया है। मामले में सबसे बड़ा सवाल उस परिवार के दर्द को लेकर है, जिसने इलाज के सात दिन बाद अपने छह माह के बच्चे को खो दिया। बच्चे की मौत के बाद परिजनों के रोने-बिलखने और सदमे की तस्वीरों ने हर किसी को झकझोर दिया। परिजनों का कहना है कि बच्चे को खोने का दर्द किसी दिखावे या नाटक का हिस्सा नहीं हो सकता। फिलहाल अस्पताल संचालक और रजत अग्रवाल के बयानों में विरोधाभास सामने आया है। ऑडियो रिकॉर्डिंग और दोनों पक्षों के बयान सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि पैसों को लेकर वास्तव में क्या बातचीत हुई थी। मामले में निष्पक्ष जांच की जरूरत है, ताकि बच्चे की मौत से जुड़े सभी पहलुओं और लगाए जा रहे आरोपों की सच्चाई सामने आ सके।