गौरीगंज/अमेठी। उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से विद्युत व्यवस्था में सुधार और उपभोक्ताओं को बेहतर सुविधाएं देने के लगातार दावे किए जा रहे हैं, लेकिन गौरीगंज क्षेत्र में सामने आया एक मामला इन दावों की जमीनी हकीकत पर सवाल खड़े कर रहा है। आरोप है कि घरेलू कनेक्शन के एक उपभोक्ता का महज 245 रुपये बकाया होने के बावजूद अक्टूबर माह में 10,194 रुपये का बिजली बिल भेज दिया गया। अधिक बिल आने के बाद उपभोक्ता संशोधन के लिए विभाग के चक्कर काटने को मजबूर है। मामला तहसील गौरीगंज क्षेत्र के ग्राम सराय बागवानी का बताया जा रहा है। गांव निवासी रामेश्वरी शुक्ला पत्नी शिव शंकर शुक्ला के घरेलू विद्युत कनेक्शन का पूर्व बकाया बिल 245 रुपये बताया गया है। आरोप है कि अक्टूबर माह में अचानक 10,194 रुपये का बिल भेज दिया गया। बिल की राशि देखकर उपभोक्ता के होश उड़ गए। उपभोक्ता का कहना है कि इतनी अधिक राशि का बिल आने के बाद उन्होंने विद्युत विभाग में प्रार्थना पत्र देकर बिल की जांच और संशोधन की मांग की। आरोप है कि शिकायत पर संबंधित विभाग की ओर से बिल संशोधन संभव नहीं होने की बात कहकर मामले से पल्ला झाड़ लिया गया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि विद्युत बिलों में गड़बड़ी से उपभोक्ताओं को आर्थिक परेशानी उठानी पड़ रही है। किसान और मजदूर परिवारों के लिए हजारों रुपये का अचानक आया बिजली बिल बड़ी समस्या बन रहा है। वहीं, बिल में सुधार के लिए उपभोक्ताओं को विभागीय कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। इस मामले ने विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। उपभोक्ता ने मामले की जांच कर गलत बिल को संशोधित कराने और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय किए जाने की मांग की है। अब देखना यह है कि विभाग इस मामले में जांच कर उपभोक्ता को राहत देता है या फिर सरकारी दावों और जमीनी हकीकत के बीच का अंतर यूं ही बना रहता है।