महेशगंज थाना क्षेत्र के तख्त का पुरवा गांव में मारपीट में घायल विवाहिता की इलाज के दौरान मौत के बाद रविवार को हीरागंज बाजार में व्यापारियों का आक्रोश देखने को मिला। घटना के विरोध में हीरागंज नगर पंचायत क्षेत्र के व्यापारियों ने अपनी दुकानें बंद रखीं। बंद में अलग-अलग जाति और धर्म के व्यापारी शामिल रहे। व्यापारियों ने दुकानें बंद कर घटना पर नाराजगी जताई और मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की। बाजार बंद होने और मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने हीरागंज बाजार में पुलिस फोर्स तैनात कर दी। जानकारी के अनुसार, तख्त का पुरवा गांव में 22 सितंबर को बकरियों के सब्जियां खा लेने को लेकर विवाद हुआ था। आरोप है कि विवाद के दौरान महिला और उसकी देवरानी के साथ लाठी-डंडों से मारपीट की गई। मारपीट में घायल विवाहिता को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर उसे लखनऊ के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां शनिवार शाम इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। विवाहिता की मौत के बाद मामला और गंभीर हो गया। मृतका की जेठानी आरती केसरवानी ने स्थानीय पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका आरोप है कि पुलिस ने हमलावरों को बचाने का प्रयास किया और तहरीर बदलवाने का दबाव बनाया। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस की ओर से मामले में कार्रवाई किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। एक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजे जाने की बात कही जा रही है। इसके बावजूद व्यापारियों में नाराजगी बनी हुई है। बाजार बंद होने के बाद पुलिस प्रशासन सतर्क रहा। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए बाजार में पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रशासन की नजर पूरे घटनाक्रम पर बनी हुई है। व्यापारियों की मांग है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वाले सभी लोगों