गांधी-शास्त्री जयंती पर विभिन्न संस्थानों में हुए कार्यक्रम आरएसजे कॉलेज धौनी व डीएन सिंह कॉलेज भूसिया समेत सरकारी-गैर सरकारी संस्थानों में श्रद्धा से याद किए गए राष्ट्रनायक संवाद सूत्र गोपाल जी कश्यप रजौन (बांका) राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर शुक्रवार को रजौन प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न सरकारी एवं गैर-सरकारी संस्थानों में श्रद्धा और सम्मान के साथ कार्यक्रम आयोजित किए गए। शिक्षण संस्थानों से लेकर सरकारी कार्यालयों तक दोनों महापुरुषों के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर उनके व्यक्तित्व और कृतित्व को याद किया गया। इस दौरान सत्य, अहिंसा, सादगी, स्वच्छता, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रसेवा के उनके विचारों को आत्मसात करने का संकल्प लिया गया। देशभर में भी 2 अक्टूबर को गांधी एवं शास्त्री जयंती के अवसर पर विभिन्न संस्थानों में श्रद्धांजलि, विचारगोष्ठी और स्वच्छता सहित विविध कार्यक्रम आयोजित किए गए। रजौन के आरएसजे कॉलेज, धौनी में प्राचार्य डॉक्टर अमरेंद्र कुमार चौधरी ने महात्मा गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर दोनों महापुरुषों के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए गए। इसके बाद आयोजित कार्यक्रम में गांधी जी के सत्य, अहिंसा, सत्याग्रह, स्वच्छता और सामाजिक समरसता के विचारों तथा शास्त्री जी की सादगी, ईमानदारी, अनुशासन और राष्ट्रसेवा के आदर्शों पर प्रकाश डाला गया। कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अमरेन्द्र कुमार चौधरी ने गांधी दर्शन की वर्तमान समय में प्रासंगिकता पर विस्तार से विचार व्यक्त करते हुए कहा कि गांधी जी के सत्य और अहिंसा के सिद्धांत आज भी समाज के लिए मार्गदर्शक हैं। उन्होंने कहा कि बदलते सामाजिक परिवेश में गांधी के विचारों को जीवन में उतारने की आवश्यकता है। इसी प्रकार डीएन सिंह कॉलेज, भूसिया में डॉ महेश प्रसाद सिंह ने गांधी एवं शास्त्री जयंती पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। कॉलेज परिसर में दोनों महापुरुषों के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उनके जीवन संघर्ष एवं राष्ट्र के प्रति योगदान को याद किया गया। वक्ताओं ने कहा कि महात्मा गांधी ने सत्य और अहिंसा के माध्यम से स्वतंत्रता आंदोलन को जनआंदोलन का स्वरूप दिया, जबकि लाल बहादुर शास्त्री ने सादगी, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रसेवा का उदाहरण