हापुड़: गढ़मुक्तेश्वर प्राचीन नक्का कुआं शिव मंदिर में चल रही श्रीमद् भागवत कथा में भगवान श्री कृष्ण की बाल लीलाओं का किया गया वर्णन । श्रीधाम पुष्पावती पूठ से आए कथा व्यास पंडित रामकृष्ण दास जी महाराज ने बाल लीलाओं पर प्रकाश डालते हुए बताया कि पूतना नाम की राक्षसी छोटे से कन्हैया को मारने के लिए कालकूट नाम का विश् पिलाने को आई है भगवान ने पूतना को समाप्त कर दिया को समाप्त कर दिया । 6 दिन के कन्हैया ने पूतना का उद्धार कर दिया। अघासुर ,बघासुर, धेनुकासुर और बहुत से राक्षसों को भगवान ने बचपन में ही समाप्त कर दिया। छोटे से कन्हैया का भगवान शंकर दर्शन करने को आए । शिव आए यशोदा के द्वारा मात मोहे दर्शन कर करा,, इस भजन को सुनकर श्रोता मंत्र मुक्त हो गए । उसके व्यास जी ने माखन चोरी लीला का बड़े सुंदर ढंग से वर्णन किया । कन्हैया गोपियों के घर में माखन चुराने के जाते हैं गोपियों के घर जाकर माखन चुरा कर खाते हैं ग्वाल बालों को खिलाते हैं गोपियों के मटके फोड देते हैं गोपिया शिकायत करने को कन्हैया के घर आती हैं। फिर कन्हैया उन गोपियों के घर नहीं जाते तो अगले दिन रास्ते में वह गोपिया कन्हैया को मिलती हैं तो कन्हैया से कहती हैं क्यों लाला कल तुम हमारे घर में माखन चुराने को क्यों नहीं आए ? कन्हैया कहते हैं गोपियों जब मैं तुम्हारे घर माखन चुराने को आता हूं तो तुम मेरे घर जाकर मेरी मां से शिकायत करती हो मेरी पिटाई करवाती हो मैं तुम्हारे घर नहीं आऊंगा । गोपिया बड़ा सुंदर भाव कहती है कन्हैया जब तुम हमारे घर में माखन चुरा कर खाते हो तो हमारी गाय खूब दूध देती है जिस दिन तुम हमारे घर में माखन चुराने को नहीं आते उसे दिन हमारी गाय दूध नहीं देती । इसलिए कन्हैया लाला तू हमारे घर में रोज आया कर रोज माखन चुरा कर खाया कर । इसके बाद में गोवर्धन लीला का वर्णन किया गया जब बृजवासियों ने कन्हैया के कहने पर इंद्र की पूजा बंद करके गोवर्धन भगवान की पूजा शुरु कर दी तो इंद्र बहुत ही ज्यादा नाराज हो गया । इंद्रदेव ने अपने संवर्तक मेघों को बुलाकर आज्ञा दी के जाओ नंद बाबा के ब्रज को डूबा कर जल मग्न कर दो। जब ब्रज में भारी आंधी तूफान वर्षा होने लगी । सॉरी बृजवासी दौड़कर कन्हैया की शरण में गए । कन्हैया बोले चिंता मत करो जिसकी हमने पूजा करी है