बगहा। गंडक नदी में भारी जलप्रवाह के बाद बगहा अनुमंडल क्षेत्र में आई बाढ़ के बीच अब राहत की खबर सामने आई है। गंडक बैराज से पानी का डिस्चार्ज लगातार घट रहा है। प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य तेज कर दिया है। बगहा एसडीएम चांदनी कुमारी ने बुधवार को बताया कि अनुमंडल क्षेत्र में जहां-जहां बांध टूटे हैं, वहां प्रशासन और संबंधित विभाग के अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई है। अन्य बांधों पर भी लगातार निगरानी रखी जा रही है। टूटे बांधों की मरम्मत का कार्य जल संसाधन विभाग और प्रशासन की टीम मिलकर कर रही है। एसडीएम के अनुसार, रजवटिया में टूटे बांध की मरम्मत का काम तेजी से चल रहा है और इसे बुधवार शाम तक मोटरेबल बनाकर आवागमन शुरू कराने का प्रयास है। वहीं बथवरिया में क्षतिग्रस्त बांध पर भी भू-कार्य जारी है और जल्द मरम्मत पूरी करने का लक्ष्य है। प्रशासन की ओर से प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाने के लिए कई क्षेत्रों में कम्युनिटी किचन चलाए जा रहे हैं। नए क्षेत्रों में भी जरूरत के अनुसार सामुदायिक रसोई शुरू करने की तैयारी है। सभी बीडीओ और सीओ को अपने-अपने क्षेत्रों में जरूरतमंद इलाकों को चिन्हित करने का निर्देश दिया गया है। जहां जलजमाव के कारण लोग कम्युनिटी किचन तक नहीं पहुंच पा रहे हैं, वहां प्रशासन की टीम पहुंचकर सूखा राशन और राहत सामग्री वितरित करेगी। मेडिकल टीम को भी आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से जलजमाव से बचाव और स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों को लेकर लोगों को जागरूक किया जाएगा। एसडीएम ने बताया कि जिला पदाधिकारी तरनजोत सिंह के निर्देश पर राहत कार्यों की लगातार समीक्षा की जा रही है। सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि गंडक बैराज से करीब 5.45 लाख क्यूसेक तक पहुंचा पानी का डिस्चार्ज अब घटकर लगभग 1.25 लाख क्यूसेक रह गया है। कई क्षेत्रों से पानी की निकासी भी शुरू हो गई है। जलप्रवाह में कमी से बगहा क्षेत्र में स्थिति में सुधार की उम्मीद बढ़ी है।