बलुआ स्थित पश्चिमी वाहीनी गंगा घाट पर विधि विधान से किए गए त्रिपिंडी पूजा । की गयी मोक्ष की कामना। चनिया । स्थानीय क्षेत्र के बलुआ स्थित पश्चिम वाहिनी गंगा घाट पर दर्जनों की संख्या में पहुंच कर श्रद्धालुओं ने त्रिपिंडी का पूजन कर अपने पितरों को शांति एवं तारण की कामना की सुबह 8:00 बजे से ही घाट पर उपस्थित होकर जजमानों ने अपने-अपने पंडितों से त्रिपिंडी का पूजन करवा कर आशीर्वाद की कामना की । इस संदर्भ में विद्वान एवं कर्मकांडी पंडित मनोज पांडे उर्फ रिंकू ने बताया त्रिपिंडी पूजन में ब्रह्मा विष्णु महेश का पूजा होता है एवं विधि विधान से पूजन अर्चन कर अपने पितरों की शांति की कामना के साथ-साथ तारण करने के लिए आशीर्वाद मांगा जाता है साथ ही परिवार की सुख समृद्धि के लिए ईश्वर से कामना की जाती है और मोक्ष की भी कामना की जाती है। तीनों देवताओं के पूजन अर्चन के बाद अंत में श्री सत्यनारायण ठाकुर जी महाराज के श्री चरणों में सबको मुक्ति दी जाती है जिससे परिवार के भूले भटके पितरों को शांति मिल जाती है एवं मुक्ति मिल जाती है पूरे परिवार में सुख समृद्धि आ जाती है इसी उद्देश्य के साथ लोगों ने भारी संख्या में पहुंचकर त्रिपिंडी का पूजा किया एवं दान पुण्य कर मोक्ष की कामना की