पश्चिमी चंपारण के बगहा में गंडक नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। मधुबनी प्रखंड की कई पंचायतों के निचले इलाकों में पिछले तीन दिनों से बाढ़ का पानी घुसा हुआ है। हालात ऐसे हैं कि कई घरों के अंदर तक पानी पहुंच चुका है और ग्रामीणों को अपना घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर जाने को मजबूर होना पड़ रहा है। ग्रामीण नाव के सहारे धीरे-धीरे ऊंचे स्थानों पर पहुंच रहे हैं। कई परिवारों के सामने सबसे बड़ी परेशानी घर में रखा सामान और मवेशियों को सुरक्षित निकालने की है। नाव की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने का आरोप भी ग्रामीण लगा रहे हैं। उत्तर प्रदेश को जोड़ने वाली धनहा-बासी मुख्य सड़क के किनारे बांस-बल्ले लगाकर पल्ली के नीचे लोग किसी तरह अपनी जिंदगी गुजार रहे हैं। बारिश और बाढ़ के बीच सड़क किनारे रहना इन परिवारों के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। स्थानीय ग्रामीण जगदीश चौधरी का कहना है कि बाढ़ का पानी गांव में पहुंच चुका है और तीन पंचायत पूरी तरह प्रभावित हैं। उनका आरोप है कि अब तक कोई जनप्रतिनिधि ग्रामीणों का हाल जानने नहीं पहुंचा है। वहीं सरोज देवी बताती हैं कि घर में रखा सामान बाहर निकालने के लिए नाव तक नहीं मिल रही है। किसी तरह मवेशियों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया है। गीता देवी के मुताबिक घर में पानी घुस चुका है और खाने-पीने का सामान भी खराब हो रहा है। उनका कहना है कि कई परिवारों को अभी तक राहत के नाम पर भोजन तक नहीं मिला है। कुछ लोगों का गुजारा रिश्तेदारों की ओर से पहुंचाए जा रहे भोजन से हो रहा है। उधर, धान और गेहूं की फसलें भी बाढ़ के पानी में डूब गई हैं। ग्रामीण अब प्रशासन से नाव, भोजन, पीने का पानी और सुरक्षित स्थान उपलब्ध कराने की मांग कर रहे हैं। बाढ़ के बीच सड़क किनारे पल्ली के नीचे सिमटी जिंदगी फिलहाल इलाके की बदहाली की तस्वीर बयां कर रही है।