बगहा। पश्चिमी चंपारण जिले के बगहा अनुमंडल में लगातार हो रही बारिश और गंडक नदी के बढ़ते जलस्तर से बाढ़ की स्थिति गंभीर होती जा रही है। वाल्मीकि नगर गंडक बराज से रविवार को करीब 4 लाख 49 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद नदी के आसपास के निचले इलाकों में पानी फैल गया है। कई घरों में बाढ़ का पानी घुसने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। स्थिति का जायजा लेने के लिए रविवार को जिला पंचायती राज पदाधिकारी सौरभ आलोक के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पहुंची। टीम ने चखनी रजवटिया पंचायत के वार्ड संख्या 8 से 14 तक का निरीक्षण किया। इसके अलावा सिंघाड़ी पिपरिया पंचायत के खैराटवा, चंद्रपुर-रतवल समेत अन्य प्रभावित इलाकों में भी अधिकारियों ने पहुंचकर जलस्तर और लोगों की स्थिति की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान बाढ़ से प्रभावित घरों, खेतों और फसलों को हुए नुकसान का भी आकलन किया गया। अधिकारियों ने ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और संबंधित पदाधिकारियों को प्रभावित परिवारों तक राहत सामग्री जल्द पहुंचाने का निर्देश दिया। नगर परिषद क्षेत्र के कैलाशनगर, रत्नमाला और दीनदयाल नगर समेत अन्य इलाकों का भी अधिकारियों ने जायजा लिया। बाढ़ पीड़ितों के लिए प्रशासन की ओर से कम्युनिटी किचेन की व्यवस्था की गई है। प्रभावित लोगों के बीच राहत सामग्री भी उपलब्ध कराई जा रही है। इससे पहले शुक्रवार को बगहा एसडीएम चांदनी कुमार और एडीएम राजीव कुमार सिन्हा ने भी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया था। वहीं, वाल्मीकि नगर विधायक सुरेंद्र प्रसाद ने प्रभावित परिवारों के बीच राहत सामग्री का वितरण किया। सिंघाड़ी पिपरिया पंचायत के सरपंच प्रतिनिधि लाल बाबू यादव ने बताया कि निचले इलाकों से आए कई परिवारों के सामने रहने की समस्या है। उन्होंने प्रभावित लोगों के लिए पन्नी उपलब्ध कराने की मांग की है। चखनी रजवटिया पंचायत के मुखिया रविरंजन यादव ने बताया कि कई वार्डों के घरों में पानी घुस गया है। प्रशासन की टीम ने स्थिति का जायजा लेकर आवश्यक मदद उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। लगातार बारिश और बढ़ते जलस्तर के बीच प्रशासन प्रभावित इलाकों पर नजर बनाए हुए है।