पश्चिमी चंपारण। बेतिया में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) ने विरोध प्रदर्शन किया। चुनाव प्रक्रिया को लेकर अपनी आपत्तियां जताते हुए पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जिला कार्यालय से जुलूस निकाला। जुलूस शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए ईमली चौक पहुंचा। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने ‘वोट चोर, इस्तीफा दो’ और ‘लोकतंत्र के हत्यारे ज्ञानेश कुमार को जेल में बंद करो’ जैसे नारे लगाए। ये नारे प्रदर्शनकारियों के राजनीतिक विरोध और आरोपों का हिस्सा थे। ईमली चौक पहुंचने के बाद भाकपा कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला दहन किया। इस दौरान पार्टी नेताओं ने निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर सवाल उठाए और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की। भाकपा नेताओं का कहना है कि चुनाव लोकतांत्रिक व्यवस्था की बुनियाद है और निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखना जरूरी है। पार्टी ने चुनाव से जुड़े मुद्दों पर स्पष्टता और आवश्यक कार्रवाई की मांग की। नेताओं ने कहा कि निर्वाचन संस्थाओं के प्रति जनता और राजनीतिक दलों का भरोसा कायम रहना लोकतंत्र के लिए महत्वपूर्ण है। प्रदर्शन में भाकपा जिला सचिव ओम प्रकाश क्रांति, जिला नेता बब्लू दूबे, चन्द्रिका प्रसाद, ज्वाला कांत द्विवेदी, मनोज साह, युवा नेता इदू अंसारी, संजय सिंह, महिला नेत्री आरती, शिवजी राय, कैलाश प्रसाद, राजीव कुमार, अंजारूल, गुलाब प्रसाद और नन्दू साह समेत कई नेता व कार्यकर्ता मौजूद रहे। बेतिया में हुए इस प्रदर्शन के जरिए भाकपा ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया और इस्तीफे की मांग को जोरदार तरीके से उठाया।