मचकुंड में हजारों मछलियों की मौत से हड़कंप, सफाई के बाद उठे सवाल फिटकरी डालने के दो दिन बाद पानी में तैरती मिलीं मरी हुई मछलियां, स्थानीय लोगों ने जताई केमिकल डाले जाने की आशंका—आयुक्त बोले, पोस्टमार्टम से सामने आएगी मौत की वजह धौलपुर। तीर्थराज मचकुंड में एक रात में हजारों मछलियों की मौत ने सफाई व्यवस्था और पानी की गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सुबह मचकुंड के पानी में बड़ी संख्या में मरी हुई मछलियां तैरती दिखाई दीं। अचानक हुई इस घटना से श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में नाराजगी देखी गई। जानकारी के अनुसार कुछ दिन पहले नगर परिषद के नए सभापति गिरीश गर्ग ने मचकुंड पहुंचकर सफाई व्यवस्था का जायजा लिया था और आवश्यक निर्देश दिए थे। इसके बाद करीब दो दिन पहले नगर परिषद की ओर से मचकुंड में सफाई कराई गई तथा पानी को साफ करने के लिए फिटकरी डाले जाने की बात सामने आई। सफाई के बाद बड़ी संख्या में मछलियों की मौत होने से अब सवाल उठ रहा है कि आखिर पानी में ऐसा क्या हुआ, जिससे इतनी बड़ी संख्या में जलीय जीवों की जान चली गई। स्थानीय लोगों ने आशंका जताई है कि फिटकरी के अलावा पानी में किसी अन्य रासायनिक पदार्थ का इस्तेमाल तो नहीं किया गया। हालांकि, इसकी अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। सुबह जब मचकुंड में हजारों मरी हुई मछलियां पानी में दिखाई दीं तो मौके पर मौजूद लोगों ने मामले की जांच की मांग उठाई। लोगों का कहना है कि ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व रखने वाले मचकुंड में सफाई के नाम पर किसी भी पदार्थ का इस्तेमाल विशेषज्ञों की निगरानी में होना चाहिए, ताकि जलीय जीवों और पर्यावरण को नुकसान न पहुंचे। इस पूरे मामले को लेकर नगर परिषद आयुक्त विष्णु परमार ने बताया कि मचकुंड की सफाई के लिए फिटकरी डाली गई थी। इतनी बड़ी संख्या में मछलियों की मौत होना हैरान करने वाला है। उन्होंने कहा कि मृत मछलियों का पोस्टमार्टम कराया जाएगा, जिसके बाद मौत की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि मछलियों की मौत महज पानी की गुणवत्ता में बदलाव के कारण हुई या सफाई के दौरान किसी रासायनिक पदार्थ के इस्तेमाल से? जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।