तहसीलदार के खिलाफ अधिवक्ताओं का मोर्चा, आलापुर में गरमाया माहौल भ्रष्टाचार के आरोप और पूर्व अध्यक्ष से कथित अमर्यादित टिप्पणी को लेकर अधिवक्ता संघ आक्रोशित, धरने से आंदोलन तेज आलापुर, अम्बेडकरनगर। तहसील आलापुर में अधिवक्ताओं और तहसील प्रशासन के बीच विवाद अब खुलकर सामने आ गया है। तहसीलदार पद्मेश श्रीवास्तव के खिलाफ लगाए जा रहे कथित भ्रष्टाचार के आरोपों तथा बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष रामप्रकाश तिवारी के साथ कथित अमर्यादित टिप्पणी को लेकर आलापुर अधिवक्ता संघ में भारी आक्रोश बताया जा रहा है। मामले को लेकर अधिवक्ताओं ने धरना शुरू कर दिया है और आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है। अधिवक्ताओं का आरोप है कि तहसील स्तर पर राजस्व संबंधी कार्यों में पारदर्शिता और निष्पक्षता को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। इसी बीच बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष के साथ कथित अमर्यादित व्यवहार/टिप्पणी का मामला सामने आने के बाद अधिवक्ताओं का गुस्सा और भड़क गया। अधिवक्ता संघ ने इसे न केवल व्यक्तिगत सम्मान से जुड़ा मामला बताया, बल्कि अधिवक्ता समुदाय की गरिमा से जोड़ते हुए विरोध का बिगुल फूंक दिया है धरने पर बैठे वर्तमान अध्यक्ष हिर्दय राम एवं महा मंत्री नरेन्द्र यादव अधिवक्ता, कार्रवाई की मांग तहसील परिसर में अधिवक्ताओं के धरने से प्रशासनिक हलकों में भी हलचल बढ़ गई है। अधिवक्ताओं का कहना है कि जब तक विवादित प्रकरण में निष्पक्ष जांच और जिम्मेदारी तय करने की दिशा में ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रखा जाएगा। अधिवक्ताओं ने आरोपों की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराए जाने, कथित अमर्यादित टिप्पणी के मामले में स्पष्टीकरण लिए जाने तथा तहसील में राजस्व कार्यप्रणाली को पारदर्शी बनाए जाने की मांग उठाई है। अब आमने-सामने प्रशासन और अधिवक्ता आलापुर तहसील में अधिवक्ता और प्रशासन के बीच टकराव का यह घटनाक्रम आने वाले दिनों में और गंभीर रूप ले सकता है। अधिवक्ताओं ने संकेत दिया है कि मांगों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को तहसील परिसर से आगे भी विस्तारित किया जा सकता है। फिलहाल धरने के कारण तहसील परिसर में चर्चाओं का बाजार गर्म है। हर किसी की निगाह अब जिला प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी है। सवाल यह भी है कि लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों और कथित अमर्यादित टिप्पणी के विवाद की निष्पक्ष जांच कब।