बगहा। पश्चिम चंपारण के बगहा अनुमंडलीय अस्पताल में गुरुवार को इलाज की उम्मीद लेकर पहुंचे मरीजों को निराश होकर लौटना पड़ा। सुबह से रुक-रुककर हो रही बारिश के बावजूद दूर-दराज से मरीज अस्पताल पहुंचे थे, लेकिन ओपीडी सेवा बंद रहने के कारण उन्हें चिकित्सकीय परामर्श नहीं मिल सका। पतीलार से अस्पताल पहुंची आशा देवी ने बताया कि वह किराया खर्च कर इलाज कराने आई थीं। अस्पताल पहुंचने के बाद ओपीडी बंद होने की जानकारी मिली। उन्होंने कहा कि डॉक्टर सप्ताह में एक दिन आते हैं। ऐसे में ओपीडी बंद रहने से इलाज के लिए अब अगले सप्ताह तक इंतजार करना पड़ेगा। कैलाश नगर निवासी प्रमिला देवी समेत अन्य मरीजों ने बताया कि वे इलाज के लिए अस्पताल पहुंचे और करीब डेढ़ घंटे तक इंतजार करते रहे। इसके बाद उन्हें पता चला कि गुरुवार को ओपीडी सेवा बंद है। मरीजों का कहना था कि दूर से आने के बाद बिना इलाज लौटना परेशानी बढ़ाने वाला है। बगहा अनुमंडलीय अस्पताल में सात प्रखंडों के ग्रामीण और शहरी इलाकों से मरीज पहुंचते हैं। गुरुवार को हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. चंदन कुमार के आने का दिन होने के कारण हड्डी के मरीजों की संख्या भी अधिक थी। ओपीडी बंद रहने से कई मरीजों को बिना जांच कराए वापस लौटना पड़ा। ओपीडी बंद रहने का कारण डॉक्टरों की अनिश्चितकालीन हड़ताल बताया जा रहा है। बिहार हेल्थ सर्विस एसोसिएशन के तिरहुत प्रमंडल के सचिव डॉ. विनय कुमार ने कहा कि सहरसा सदर अस्पताल की घटना में डॉक्टरों का पक्ष सुने बिना कार्रवाई किए जाने के विरोध में ओपीडी सेवा बंद की गई है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सचिव से कई बार वार्ता के बावजूद अभी तक संतोषजनक निर्णय नहीं हुआ है। हालांकि गंभीर मरीजों के लिए अस्पताल की इमरजेंसी सेवा चालू रखी गई है।