बगहा-2: बिहार में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की तैयारियों के बीच पश्चिम चंपारण के बगहा-2 प्रखंड में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की लाभार्थी सूची को लेकर पंचायत प्रतिनिधियों का आक्रोश सामने आया है। मुखिया संघ ने लाभार्थी सूची में कथित गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए प्रखंड मुख्यालय का घेराव किया और सूची की दोबारा जांच कराने की मांग की। मुखिया संघ के प्रतिनिधियों का आरोप है कि बगहा-2 प्रखंड की 25 पंचायतों में प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए तैयार सूची से कई योग्य और जरूरतमंद परिवारों के नाम हटा दिए गए हैं। पंचायत प्रतिनिधियों का दावा है कि कुछ मामलों में पात्रता का सही तरीके से स्थल निरीक्षण और सत्यापन नहीं किया गया। आरोप है कि मौके पर जाकर वास्तविक स्थिति की जांच करने के बजाय कार्यालय स्तर पर ही रिपोर्ट तैयार कर दी गई। तकनीकी प्रक्रिया पर भी उठे सवाल पंचायत प्रतिनिधियों ने लाभार्थियों के चयन और नामों की छंटनी में तकनीकी या AI आधारित प्रक्रिया के इस्तेमाल का भी आरोप लगाया है। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है। प्रतिनिधियों का कहना है कि प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं होने के कारण कई जरूरतमंद परिवार योजना के लाभ से वंचित हो सकते हैं। ग्रामीणों के सवालों से प्रतिनिधि परेशान मुखिया संघ का कहना है कि सूची से नाम हटने के बाद ग्रामीण अपने पंचायत प्रतिनिधियों से जवाब मांग रहे हैं। प्रतिनिधियों के अनुसार, जब लाभार्थियों के चयन और सूची तैयार करने की प्रक्रिया में पंचायत स्तर की भूमिका सीमित हो, तो ग्रामीणों के सवालों का जवाब देना उनके लिए मुश्किल हो रहा है। प्रदर्शन के दौरान मुखिया संघ ने प्रशासन से लाभार्थी सूची की निष्पक्ष तरीके से दोबारा जांच कराने, पात्र परिवारों का सत्यापन करने और योग्य लोगों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने की मांग की। संघ की ओर से बताया गया कि इस संबंध में प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO), जिलाधिकारी और मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा जाएगा। अब प्रशासन की ओर से शिकायतों पर क्या कार्रवाई की जाती है और लाभार्थी सूची की दोबारा जांच होती है या नहीं, इस पर सबकी नजरें टिकी हैं।