पूरनपुर। नगर के मोहल्ला अहमदनगर वार्ड नंबर पांच में सोमवार को एसडीएम मयंक गोस्वामी के निर्देश पर राजस्व टीम पुलिस के साथ पहुंची और लोगों से मकानों व जमीन से संबंधित दस्तावेज मांगे। अचानक हुई इस कार्रवाई से मोहल्ले में हड़कंप मच गया। स्थानीय लोगों ने टीम के सामने विरोध जताते हुए कार्रवाई का आधार और न्यायालय का आदेश अथवा लिखित नोटिस दिखाने की मांग की।स्थानीय लोगों का कहना है कि मोहल्ले में वर्ष 1970 के आसपास से परिवार मकान बनाकर रह रहे हैं। वर्तमान में यहां एक हजार से अधिक पक्के मकान बने हैं। लोगों का दावा है कि उनके बुजुर्गों ने जमीन कच्ची लिखा-पढ़ी के आधार पर खरीदी थी और इससे संबंधित दस्तावेज उनके पास मौजूद हैं। सोमवार दोपहर करीब दो बजे लेखपाल कमल किशोर, अनिल चौधरी और शिशुपाल पुलिस के साथ मोहल्ले में पहुंचे और लोगों से दस्तावेज मांगे, लेकिन कोई न्यायालयी आदेश या नोटिस नहीं दिखाया गया। जबाब में एसडीएम मयंक गोस्वामी बताया गया। इस पर लोगों ने कार्रवाई का विरोध किया। बताया गया कि दीपक खंडेलवाल पुत्र विजय कुमार खंडेलवाल निवासी गनेशगंज ने शिकायत कर गाटा संख्या 421 अपने दादा की जमीन बताते हुए लोगों द्वारा अवैध कब्जा कर मकान बनाने का आरोप लगाया है। वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि जमीन उनके बुजुर्गों से खरीदी थी। अब उक्त लोग अवैध तरीको से अधिकारियों को गुमराह कर लोगों को परेशान किया जा रहा है। हालांकि 50 वर्ष से अधिक समय बीतने के बाद आज तक किसी तरह की आपत्ति नहीं जताई गई,अब 19 सितंबर 2026 से एसडीएम के द्वारा लोगों को परेशान किया जा रहा है जबकि यह आबादी क्षेत्र है बिना न्यायालय के आदेश अधिकारी हस्तक्षेप नहीं कर सकते हैं उसके बावजूद एसडीएम पूरनपुर के द्वारा हस्तक्षेप करते हुए लोगों पर अनावश्यक रूप से दबाव बनाते हुए उनके दस्तावेज मांगे जा रहे हैं। जल्द ही लोगों ने इस संबंध में धरना प्रदर्शन कर अनावश्यक रूप से परेशान करने वाले अधिकारी व अन्य लोगों के खिलाफ आंदोलन करने को लेकर रणनीति बनाई जा रही हैं।