बगहा। सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा के साथ विकास और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने की दिशा में एसएसबी 21वीं वाहिनी, बगहा ने बड़ी पहल की है। शुक्रवार को वाल्मीकि सभागार, वाल्मीकिनगर में वाइब्रेंट विलेज-सिविक एक्शन प्रोग्राम 2026-27 के तहत पांच स्वरोजगारपरक कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रमों का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन वाल्मीकिनगर सांसद सुनील कुमार ने किया। इस दौरान एसएसबी 21वीं वाहिनी के कमांडेंट तपेश्वर संबित राउत समेत एसएसबी के अधिकारी, जनप्रतिनिधि, समाजसेवी, पत्रकार, पंचायत प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में लाभार्थी मौजूद रहे। एसएसबी की ओर से मधुमक्खी पालन एवं बी-बॉक्स वितरण, जैविक फल-सब्जी उत्पादन, मशरूम फार्मिंग, सिलाई-टेलरिंग और ब्यूटीशियन का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे कुल 155 सीमावर्ती युवा, महिलाएं एवं ग्रामीण लाभान्वित होंगे। प्रशिक्षण 15 दिनों का होगा और रमपुरवा, लक्ष्मीपुर, दरुआबारी, सोहरिया, चम्पापुर एवं नौरंगिया दोन में आयोजित किया जाएगा। इस वर्ष की विशेष पहल के तहत सिलाई और ब्यूटीशियन प्रशिक्षण को केवल कौशल सीखने तक सीमित नहीं रखा गया है। प्रशिक्षुओं को प्रतिष्ठित ब्रांड्स और संस्थानों के सहयोग से इंटर्नशिप एवं प्रायोगिक अनुभव भी उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि प्रशिक्षण के बाद वे स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ सकें। कार्यक्रम के दौरान स्कूली बच्चों ने आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। प्रतिभागियों को सम्मानित भी किया गया। इसके साथ ही एसएसबी ने मेडिकल सिविक एक्शन और वेटरिनरी सिविक एक्शन के तहत ग्रामीणों को निःशुल्क स्वास्थ्य परामर्श, दवाएं और पशु चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराईं। एसएसबी की यह पहल सीमावर्ती गांवों में हुनर, रोजगार और आत्मनिर्भरता की नई उम्मीद जगा रही है।