पूरनपुर। तहसील परिसर में महिला शौचालय पर ताला लगाए जाने को लेकर महिला अधिवक्ता आरती, नीरु खंडेलवाल, मीना गुप्ता, जैनव खान में नाराजगी देखने को मिली। अधिवक्ताओं का आरोप है कि तहसील परिसर के बाहर सार्वजनिक शौचालय का निर्माण कार्य चल रहा है, जिसके चलते आसपास महिलाओं के लिए कोई अन्य शौचालय उपलब्ध नहीं है। ऐसे में वह तहसील परिसर में बने महिला शौचालय का उपयोग करती हैं।महिला अधिवक्ताओं के मुताबिक शौचालय के गेट पर ताला लगा होने पर एक महिला अधिवक्ता ने तहसीलदार के पेशकार से चाबी मांगी। आरोप है कि उसे दूसरी चाबी दे दी गई, जो ताले में नहीं लगी। काफी देर तक सही चाबी के लिए परेशान होने के बाद महिला अधिवक्ता ने इसकी जानकारी वरिष्ठ महिला अधिवक्ताओं को दी। उन्होंने भी चाबी मांगी, लेकिन चाबी उपलब्ध नहीं कराई गई।इससे नाराज महिला अधिवक्ताओं ने शौचालय के गेट पर लगे ताले को पत्थर मारकर तोड़ना शुरू कर दिया यह देख तब पेसकार ने चावी दी। इस दौरान तहसीलदार के पेशकार ने चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के साथ सभी के सामने अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया। इस दौरान शौचालय के अंदर एक बाइक खड़ी मिली, अब सवाल यह है कि जब सरकार सभी पैट्रोल पंपों पर सर्वजनिक शौचालय बनवाए गए और वह पूरी तरह निशुल्क पर तहसील परिसर में बना महिला शौचालय में ताला लटक रहा है जो सवालों के घेरों में है।