60 महादलित परिवारों की बदहाली पर फूटा आक्रोश, सड़क-नाली से शिक्षा तक के लिए तरस रहा बैदपुर का टोला वार्ड-9 में बुनियादी सुविधाओं का टोटा, किसान महासभा ने ग्रामीणों के साथ किया जोरदार प्रदर्शन; बोले विकास की दोहरी नीति अब नहीं चलेगी सरकार गांवों के विकास और अंतिम पायदान पर खड़े लोगों को मुख्यधारा से जोड़ने के लाख दावे करती है, लेकिन शंभूगंज प्रखंड क्षेत्र की बैदपुर पंचायत का वार्ड नंबर-9 इन दावों की हकीकत बयां कर रहा है। यहां करीब 60 महादलित परिवार आज भी सड़क, नाली, शौचालय और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं से वंचित होकर बदहाली का जीवन जीने को विवश हैं। वर्षों से उपेक्षा का दंश झेल रहे ग्रामीणों का आक्रोश आखिरकार सड़क पर फूट पड़ा। अखिल भारतीय किसान महासभा के राज्य सदस्य कामरेड रणबीर कुशवाहा के नेतृत्व में ग्रामीणों ने जोरदार प्रदर्शन कर प्रशासन और सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि विकास की योजनाएं कागजों पर भले ही दौड़ रही हों, लेकिन महादलित बस्तियों तक उनका लाभ पहुंचता दिखाई नहीं दे रहा है। टोले में न तो आवागमन के लिए समुचित सड़क है और न ही जलनिकासी की मुकम्मल व्यवस्था। शौचालय और शिक्षा जैसी मूलभूत जरूरतें भी अब तक पूरी नहीं हो सकी हैं। कामरेड रणबीर कुशवाहा ने कहा कि जिस समाज के सबसे कमजोर तबके को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने की जिम्मेदारी सरकार की है, वही तबका आज बुनियादी अधिकारों के लिए संघर्ष करने को मजबूर है। उन्होंने कहा कि महादलित टोले के लोगों को केवल आश्वासन नहीं, बल्कि धरातल पर सुविधाएं चाहिए। सड़क, नाली, शौचालय और शिक्षा की व्यवस्था करना सरकार और स्थानीय प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए। भाकपा माले के शंभूगंज प्रखंड सचिव कामरेड महादेव दास ने कहा कि वर्षों से उपेक्षित महादलित परिवारों की समस्याओं को नजरअंदाज करना सामाजिक न्याय की भावना के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने प्रशासन से तत्काल स्थल निरीक्षण कर समस्याओं का समाधान कराने की मांग की। प्रदर्शन में कामरेड धनंजय दास, बीरबल कुमार मांझी, सिंटू, रोशन कुमार राठौर, मांझी सीताराम तांती, गोरेलाल मांझी, बसकी मांझी, दीपक मांझी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही टोले में मूलभूत सुविधाओं की बहाली की दिशा में ठोस पहल नहीं की गई, तो आंदोलन को