तिब्बत में भीषण बाढ़: कैलाश यात्रा का दल फंसा, 77 लोग इमिग्रेशन केंद्र में थे नई दिल्ली। तिब्बत के चीन-नेपाल सीमा क्षेत्र में स्थित ग्यिरोंग में अचानक आई भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी है। इस प्राकृतिक आपदा की चपेट में कैलाश यात्रा पर गया एक दल भी आ गया। यात्रा से लौटते समय बड़ी संख्या में यात्री ग्यिरोंग स्थित इमिग्रेशन कार्यालय में मौजूद थे। बाढ़ के कारण इमिग्रेशन कार्यालय और आसपास के शहर का बड़ा हिस्सा प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। सद्गुरु की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, इमिग्रेशन कार्यालय में मौजूद 77 लोगों के संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिल सकी है। राहत और बचाव दल अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में हैं तथा प्रभावित क्षेत्र तक पहुंचने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। सद्गुरु ने कहा कि वे स्वयं क्षेत्र में मौजूद हैं और बचाव एवं राहत कार्यों में हर संभव सहयोग किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस कठिन समय में प्रभावित लोगों तक पहुंचने और उन्हें सुरक्षित निकालने के लिए किसी भी स्तर का जोखिम उठाने को तैयार हैं। जानकारी के मुताबिक कैलाश यात्रा के कुल 21 समूहों में से 495 यात्री सुरक्षित लौट चुके हैं, जबकि 743 लोग अभी तिब्बत में, 148 लोग नेपाल में हैं। इसके अलावा 77 लोग ग्यिरोंग के इमिग्रेशन केंद्र में मौजूद थे, जबकि 3 वॉलंटियर्स नेपाल के टिमुरे में हैं। इस हादसे से यात्रियों के परिजनों में चिंता और बेचैनी का माहौल है। इमिग्रेशन केंद्र में मौजूद लोगों की स्थिति को लेकर आधिकारिक जानकारी का इंतजार किया जा रहा है। राहत एवं बचाव एजेंसियां प्रभावित क्षेत्र तक पहुंचने और वहां फंसे लोगों की जानकारी जुटाने के प्रयास में लगी हैं। सद्गुरु ने प्रभावित यात्रियों के परिजनों और प्रियजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि इस बेहद कठिन घड़ी में यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और उन्हें सुरक्षित निकालने के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है।