बांका के चांदन प्रखंड से इस वक्त की बड़ी और दुखद खबर सामने आ रही है। चांदन के पूर्व प्रखंड विकास पदाधिकारी यानी बीडीओ राकेश कुमार की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। उनकी मौत की खबर सामने आते ही चांदन प्रखंड में शोक की लहर दौड़ गई है। करीब दो वर्ष पूर्व राकेश कुमार चांदन प्रखंड में बीडीओ के पद पर कार्यरत थे। अपने सरल, सहज और मृदुभाषी व्यवहार के कारण वे आम लोगों, जनप्रतिनिधियों और कर्मियों के बीच काफी लोकप्रिय थे। चांदन में उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए उन्हें प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया गया था। बताया जा रहा है कि शुक्रवार को 52 वर्षीय राकेश कुमार देवघर के प्रोफेसर कॉलोनी से बामलवान बाबा पथ की ओर गए थे। इसी दौरान वे निर्मल कुटीर के समीप संदिग्ध हालत में मिले। बताया गया कि उनके मुंह से झाग निकल रहा था। सूचना मिलते ही पुलिस की पीसीआर टीम मौके पर पहुंची और 108 एंबुलेंस की मदद से उन्हें सदर अस्पताल ले जाया गया। लेकिन चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर राकेश कुमार की मौत कैसे हुई? वहीं, इस मामले में मृतक की पत्नी और परिजनों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। पत्नी ने कुछ रिश्तेदारों पर हत्या का आरोप लगाया है। हालांकि, इन आरोपों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, राकेश कुमार वर्तमान में गया जिले के एक प्रखंड में बीडीओ के पद पर कार्यरत थे। सूत्रों से यह भी जानकारी सामने आई है कि उनका स्थानांतरण मुजफ्फरपुर हुआ था और वे नई जिम्मेदारी संभालने के लिए मुजफ्फरपुर जा रहे थे। इसी बीच उनकी संदिग्ध मौत की खबर सामने आ गई। राकेश कुमार के चांदन कार्यकाल को याद करते हुए स्थानीय लोग उनकी कार्यशैली और व्यवहार की चर्चा कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि उन्होंने चांदन में अधिकारी के रूप में अपनी अलग पहचान बनाई थी। फिलहाल पुलिस जांच में जुटी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह सामने आ सकेगी।