शाहजहाँपुर जनपद में सावन माह में सरस्वती शिशु मंदिर परशुरामपुरी में आज मंगलवार को धार्मिक उमंग का माहौल रहा। विद्यालय के तत्वावधान में नन्हे-मुन्ने भैया-बहिनों ने कावड़िए का स्वरूप धारण कर कावड़ यात्रा निकाली। कावड़ यात्रा का शुभारंभ विद्यालय परिसर से हुआ। विद्यालय अध्यक्ष वीरेंद्र मिश्र, व्यवस्थापक अनिल भारद्वाज और प्रधानाचार्य सतीश दीक्षित ने सभी बाल कावड़ियों का तिलक लगाकर पुष्प वर्षा कर स्वागत किया। इसके बाद प्रबंधन समिति और प्रधानाचार्य के नेतृत्व में कावड़ यात्रा स्थानीय प्राचीन बाबा हरदेव मंदिर के लिए रवाना हुई। विद्यालय से मंदिर तक का पूरा मार्ग "बम-बम भोले" और "हर-हर महादेव" के जयकारों से गूंजता रहा। भगवा वस्त्र, गले में रुद्राक्ष और कंधों पर छोटी-छोटी कावड़ धारण किए बच्चों को देखकर नगरवासी भावविभोर हो गए। मार्ग में जगह-जगह लोगों ने पुष्प बरसाकर और जयकारे लगाकर बाल श्रद्धालुओं का उत्साह बढ़ाया। हरदेव मंदिर पहुंचकर सभी बच्चों ने श्रद्धा के साथ शिवलिंग पर गंगाजल अर्पित किया और भगवान भोलेनाथ से आशीर्वाद मांगा। मंदिर में मंत्रोच्चारण के बीच बच्चों ने पूजा-अर्चना की। इस धार्मिक आयोजन को सफल बनाने में विद्यालय के आचार्य अनुराग पराशरी, अनिल अग्निहोत्री, अमोद पाण्डेय और प्रियंका सिंह का विशेष सहयोग रहा। विद्यालय प्रबंधन का उद्देश्य बच्चों में धार्मिक संस्कार और सेवा भाव विकसित करना था। नगरवासियों ने विद्यालय प्रशासन की इस पहल और बच्चों के उत्साह की सराहना की। अभिभावकों ने भी कहा कि इस तरह के आयोजन से बच्चों में संस्कृति के प्रति लगाव बढ़ता है।