मुख्यमंत्री द्वारा उद्घाटन किए गए पुल के घटिया निर्माण पर कार्रवाई क्यों नहीं? — आजाद समाज पार्टी का सवाल कोठी–कोरनार पुलिया हादसे में अधीक्षण अभियंता नीता ठाकरे को 15 अगस्त से पहले निलंबित करने की मांग; 18 अगस्त को आंदोलन की चेतावनी प्रा. श्रीमंत सुरपाम, उपजिला प्रतिनिधि गड़चिरोली, दि. 12 : एटापल्ली तहसील के कोठी–कोरनार क्षेत्र में 29 जुलाई को बाढ़ की स्थिति के दौरान पानी के तेज बहाव में पुलिया बह जाने से निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। विशेष रूप से इस पुलिया का उद्घाटन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 15 अगस्त 2023 को किया था। उद्घाटन के महज तीन वर्ष के भीतर पुलिया के क्षतिग्रस्त होकर बह जाने के मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए, ऐसी मांग आजाद समाज पार्टी ने की है। पुलिया हादसे को 12 दिन बीत जाने के बावजूद संबंधित अधिकारियों और ठेकेदार के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं किए जाने का आरोप पार्टी ने लगाया है। आजाद समाज पार्टी के जिलाध्यक्ष राज बन्सोड ने सवाल उठाया कि एक निजी संस्था द्वारा संचालित आश्रमशाला में दुर्घटना के बाद तत्काल कार्रवाई की जाती है, लेकिन मुख्यमंत्री द्वारा उद्घाटन किया गया पुल गिरने के बावजूद कार्रवाई में देरी क्यों हो रही है? पार्टी ने इस मामले में सार्वजनिक निर्माण विभाग की अधीक्षण अभियंता नीता ठाकरे की जिम्मेदारी तय कर उन्हें 15 अगस्त से पहले निलंबित करने की मांग की है। साथ ही उनके कार्यकाल के दौरान जिले में किए गए विभिन्न निर्माण कार्यों तथा उन पर हुई शिकायतों की स्वतंत्र जांच करने की मांग भी की गई है। डिजाइन में बदलाव और बढ़ी लागत की जांच की मांग पार्टी के अनुसार, कोठी–कोरनार पुलिया की मूल स्वीकृत लागत लगभग 4 करोड़ 9 लाख 70 हजार रुपये होने की जानकारी प्राप्त हुई है। हालांकि पुल के डिजाइन में बदलाव के नाम पर इसकी कुल निर्माण लागत लगभग 8 करोड़ रुपये तक पहुंचने की जानकारी सूत्रों के हवाले से दी गई है। यदि दस्तावेजों से यह जानकारी सही साबित होती है, तो मूल स्वीकृत राशि के मुकाबले लगभग दोगुना खर्च होने के बावजूद महज तीन वर्ष में पुलिया का बह जाना गंभीर मामला है। पार्टी ने मांग की है कि डिजाइन में वास्तव में क्या बदलाव किए गए, बदलाव की आवश्यकता क्यों पड़ी, संशोधित अनुमान को किसने मंजूरी दी