भिवानी। छोटी काशी भिवानी के प्रसिद्ध जोगीवाला शिव मंदिर धाम में श्रावण शिवरात्रि पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। शिवरात्रि के अवसर पर गंगोत्री, गोमुख और हरिद्वार से गंगाजल लेकर पहुंचे कांवड़ियों ने महंत वेदनाथ महाराज के सानिध्य में भगवान शिव का गंगाजल से अभिषेक किया। मंदिर परिसर में सुबह करीब 4 बजे से चार पहर की पूजा-अर्चना एवं रुद्राभिषेक का शुभारंभ हुआ, जो रात्रि 12 बजे तक जारी रहेगा। इस दौरान भगवान शिव के दरबार में महाआरती और कांवड़ पूजन भी किया गया। जोगीवाला शिव मंदिर धाम के मठाधीश महंत वेदनाथ महाराज ने कहा कि गोमुख, गंगोत्री और हरिद्वार से बड़ी संख्या में कांवड़िए गंगाजल लेकर मंदिर पहुंचे हैं और भगवान शिव का जलाभिषेक कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि शिवरात्रि के अवसर पर हजारों श्रद्धालु मंदिर में पहुंचकर भगवान भोलेनाथ की पूजा-अर्चना कर रहे हैं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए पुलिस की व्यवस्था की गई है। वहीं कांवड़ियों के लिए प्रसाद, चिकित्सा सुविधा और ठहरने की व्यवस्था भी की गई है। महंत वेदनाथ महाराज ने कहा कि श्रावण मास की शिवरात्रि का विशेष धार्मिक महत्व है। उन्होंने कहा कि भगवान शिव ने समुद्र मंथन के दौरान विष का पान कर सृष्टि की रक्षा की थी। उन्होंने देश में सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। शिवभक्तों ने कहा कि जोगीवाला शिव मंदिर धाम प्राचीन एवं आस्था का प्रमुख केंद्र है। हर वर्ष हरिद्वार, गोमुख और गंगोत्री से कांवड़ लेकर श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं और गंगाजल से भगवान शिव का अभिषेक करते हैं। व्रत रखने वाली महिलाओं एवं युवतियों ने भी भगवान शिव की पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। छोटी काशी के प्रसिद्ध सिद्धपीठ बाबा जहरगिरी आश्रम के शिवालय में भी श्रावण शिवरात्रि के अवसर पर भगवान शिव का गंगाजल से अभिषेक किया गया। श्रीमहंत डॉ. अशोक गिरी महाराज के सानिध्य में बड़ी संख्या में शिवभक्तों ने शिवलिंग पर गंगाजल अर्पित कर पूजा-अर्चना की। श्रीमहंत डॉ. अशोक गिरी महाराज ने कहा कि देशभर में श्रावण शिवरात्रि पर्व श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कांवड़िए जप, तप और श्रद्धा के साथ गंगाजल लेकर आते हैं। पवित्र भाव से लाए गए गंगाजल से भगवान शिव का अभिषेक करना पुण्यदायी माना जाता है।