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*यह वीडियो कहाँ का है हमें नही मालूम, लेकिन इस वीडियो ने दिल को झकझोर कर रख दिया है*
*यह वीडियो कहाँ का है हमें नही मालूम, लेकिन इस वीडियो ने दिल को झकझोर कर रख दिया है*
परेशानियां मिलती है तकलीफें उठाने के बाद इतिहास भी झुकता है गुजर जाने के बाद#Giridih, Jharkhand
UP के प्रतापगढ़ जिले से दिनभर की बड़ी खबरें। 04/08/2026 #pratapgarh #latestnews @reporteJitendra
चेहल्लुम पर हल्लौर में गूंजे नौहे, मातम और अकीदत के बीच याद किए गए कर्बला के शहीद
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तीन राज्यांचे माजी राज्यपाल शिक्षण क्षेत्रातील प्रख्यात शिक्षण तज्ञ व ऋषी तुल्य डॉ डी वाय पाटील यांनी घेतला अखेरचा श्वास. मान्यव रांनी घेतले अखेरचे दर्शन.
"साल 2018 में पूज्य शंकराचार्य ने नेपाल से 'स्वस्थ क्रांति' की शुरुआत होने की बात कही थी। आज नेपाल के घटनाक्रम के बीच उस कथन की फिर चर्चा हो रही है। क्या यह भविष्यवाणी साकार होती दिख रही है? सुनिए विशेष प्रस्तुति..."
खेत में काम कर रहे हैं किस को बिच्छू ने काटा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सिरदला में इलाज के बाद स्वस्थ
आज माजी राज्यपाल व शिक्षण महर्षी डॉ डी.वाय पाटील यांनी वयाच्या 90 व्या वर्ष घेतला घेतला अखेरचा श्वास.
आगरा रेलवे की सूझबूझ से चलती ट्रेन में नवजात शिशु की किलकारी गुजी परिजनों ने रेलवे प्रशासन एवं मेडिकल विभाग को धन्यवाद द
हरिद्वार! मुख्यमंत्री के नेतृत्व में शिवभक्तों का पुष्प वर्षा से हुआ भव्य स्वागत!
Comments (1)
Indra Kumar Singh
04 Aug, 2026*यह वीडियो कहाँ का है हमें नही मालूम, लेकिन इस वीडियो ने दिल को झकझोर कर रख दिया है* *दावों का शोर इतना बुलंद है कि ज़मीन की चीखें दब जाती हैं* ऐसा कहा जाता है कि 2014 से 2026 के बीच देश के 25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर आ गए। नीति आयोग की फ़ाइलों में विकास के रंगीन नक्शे खींच दिए गए.. पर क्या कभी हुक्मरानों ने इन जैसे मासूमों की आंखों में झांकने की हिम्मत की है? इस वीडियो को ध्यान से देखिए। यह सिर्फ एक बच्चा और उसकी बेसुध मां नहीं हैं, यह इस देश की आत्मा का वो ज़ख्म है जो रोज़ आंकड़ों के झूठे प्लास्टर से ढका जाता है। जिस उम्र में बच्चों के हाथों में खिलौने और किताबें होनी चाहिए, उस उम्र में यह मासूम अपनी मां का पेट भरने के लिए संघर्ष कर रहा है। वह खुद भूखा है, लेकिन अपनी मां के मुंह में निवाला डाल रहा है। क्या यह बच्चा उन 25 करोड़ लोगों में शामिल नहीं है जिन्हें आपने गरीबी से बाहर निकाला है? भाषणबाजी और आंकड़ों की बाज़ीगरी से गरीबी को मिटाया नहीं जा सकता। जब तक देश का एक भी मासूम इस तरह भूख और लाचारी से लड़ेगा,