पीलीभीत। ट्रांस शारदा क्षेत्र स्थित ग्राम हजारा में शारदा नदी ने एक बार फिर तेज भू-कटान शुरू कर दिया है। नदी ने आधा दर्जन से अधिक किसानों की गन्ने की लहरहाती फसल सहित कृषि भूमि को अपनी आगोश में ले लिया है। लगातार हो रहे कटान से हजारा, शास्त्रीनगर, सिद्धनगर और भरतपुर समेत कई गांवों के अस्तित्व पर खतरा मंडराने लगा है। ग्रामीणों का कहना है कि समय रहते राहत एवं बचाव कार्य नहीं कराया गया तो भारी नुकसान हो सकता है। ग्रामीणों ने धनाराघाट पर शारदा नदी में करोड़ों रुपये की लागत से निर्माणाधीन पुल पर भी खतरा जताया है।बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने शारदा नदी किनारे एकत्र हुए और विरोध प्रदर्शन कर शासन एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से तत्काल कटान रोकने के लिए सुरक्षा कार्य कराने की मांग की। ग्रामीणों ने मंगलवार बताया कि पिछले वर्ष भी दर्जनों किसानों की कृषि भूमि और फसल नदी में समा गई थी। उस समय क्षेत्रीय विधायक बाबूराम पासवान से भी गुहार लगाई गई थी, लेकिन कोई स्थायी समाधान नहीं हुआ। प्रदर्शन में राकेश यादव, ग्राम पंचायत सदस्य परमात्मा, रामचंद्र लाल, राधेश्याम, रामलखन, रामकिशोर, रजनीश कुशवाहा, लक्ष्मण, पुतूलाल, हरसुवरन लाल सहित अनेक ग्रामीण मौजूद रहे।