समालखा, 30 जुलाई। रिपोर्टर धर्मवीर शर्मा पानीपत हरियाणा। समालखा नगर परिषद में पिछले करीब दो माह से वाइस चेयरपर्सन पद को लेकर जारी राजनीतिक खींचतान और जोड़-तोड़ के दौर का बृहस्पतिवार को आखिरकार पटाक्षेप हो गया। वार्ड-9 की पार्षद मनीषा कुहाड़ निर्विरोध वाइस चेयरपर्सन निर्वाचित घोषित की गईं। विपक्ष की ओर से कोई उम्मीदवार मैदान में नहीं उतरने से चुनाव महज औपचारिकता बनकर रह गया, लेकिन इसके पीछे बीते दो महीनों से चली सियासी गोलबंदी और बदलते समीकरण पूरे शहर में चर्चा का विषय बने रहे। जिला अतिरिक्त उपायुक्त एवं निर्वाचन अधिकारी अंकित चौकसे की निगरानी में बीडीपीओ कार्यालय के सभागार में चुनाव प्रक्रिया संपन्न हुई। सुबह 11:25 बजे कोरम पूरा होने के बाद बैठक शुरू हुई और नामांकन पत्रों की जांच पूरी होने पर केवल एक वैध नामांकन मिलने से दोपहर 12:30 बजे मनीषा कुहाड़ को निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया गया। यह पद एक जून को तत्कालीन वाइस चेयरपर्सन शिक्षा देवी के इस्तीफे के बाद रिक्त हुआ था। चुनाव प्रक्रिया के दौरान नगर परिषद चेयरमैन अशोक कुच्छल सहित 18 सदस्यीय सदन के 16 सदस्य मौजूद रहे। वार्ड-10 के पार्षद मनीष बैनीवाल और वार्ड-11 की पार्षद नीतू छाबड़ा बैठक में अनुपस्थित रहे। पूर्व वाइस चेयरपर्सन एवं वार्ड-14 की पार्षद शिक्षा शर्मा ने भी मनीषा कुहाड़ के समर्थन में अपना रुख स्पष्ट कर दिया। मतदान से पहले ही साफ हो गई थी तस्वीर चुनाव से दो दिन पहले ही मनीषा कुहाड़ समर्थक अधिकांश पार्षद एक साथ शहर से बाहर चले गए थे। गुरुवार को मतदान शुरू होने से कुछ मिनट पहले सभी अलग-अलग वाहनों से सीधे बीडीपीओ कार्यालय पहुंचे। विपक्ष द्वारा प्रत्याशी नहीं उतारे जाने के बाद परिणाम पहले से तय माना जा रहा था। राजनीतिक गलियारों में इसे सत्ता पक्ष की सफल रणनीति और विपक्ष की मजबूर चुप्पी के रूप में देखा गया। जीत के बाद सड़कों पर शक्ति प्रदर्शन निर्वाचन की घोषणा होते ही समर्थकों ने मनीषा कुहाड़ और उनके पति विकास कुहाड़ का फूलों और नोटों की मालाओं से स्वागत किया। इसके बाद दोनों को खुली जीप में बैठाकर शहर के प्रमुख मार्गों पर विजय जुलूस निकाला गया। डीजे, आतिशबाजी और समर्थकों की नारेबाजी के बीच निकला यह जुलूस नगर परिषद की नई राजनीतिक ताकत का सार्वजनिक प्रदर्शन बन गया। अब विकास की परीक्षा नवनिर्वाचित वाइस चेयरपर्सन