पीलीभीत मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में आवेदन करने वाली एक युवती ने जिला प्रशासन पर शिकायत के बावजूद फर्जी निस्तारण करने और उसे गलत तरीके से शादीशुदा दर्शाने का आरोप लगाया है। ग्राम दौलतपुर निवासी नैन्सी पुत्री रामविलास ने जिलाधिकारी को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि उसने 19 मार्च 2026 को मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत आवेदन किया था। आरोप है कि ग्राम सचिव और पंचायत स्तर से बिना सही जांच के प्रतिकूल रिपोर्ट लगा दी गई, जिससे उसका आवेदन निरस्त हो गया। युवती का कहना है कि उससे सुविधा शुल्क की मांग भी की गई थी, जिसे न देने पर उसे अपात्र घोषित कर दिया गया। इससे वह 1 जुलाई 2026 को आयोजित सामूहिक विवाह में शामिल नहीं हो सकी। नैन्सी ने बताया कि उसके पिता भूमिहीन मजदूर हैं और परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर है। उसने यह भी आरोप लगाया कि पूर्व में की गई शिकायत का भी फर्जी निस्तारण कर दिया गया तथा उसे कुंवारी होने के बावजूद सरकारी अभिलेखों में शादीशुदा दिखा दिया गया। पीड़िता ने जिलाधिकारी से मामले की निष्पक्ष जांच कराकर अगली सामूहिक विवाह तिथि के लिए दोबारा पंजीकरण कराने और दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।