भिवानी : देश में जहां एक बड़ा आंदोलन खत्म हुआ , जिसको सरकार ने अपने विवेक से कंट्रोल किया, आज देश भर के प्रत्येक जिया में गौ माता को राष्ट्रीय पशु घोषित की मांग को लेकर शुरू किया गया। संत महात्माओ व गो रक्षकों व मुस्लिम धर्म के प्रबुद्ध व्यक्तियों ने 27 अक्टूबर से बड़े आंदोलन की चेतावनी देकर 27 फ़रवरी को भूख हड़ताल की चेतावनी दी है। देश भर में गाय माता को राष्ट्रीय पशु का दर्जा दिलाने की मांग जोर पकड़ने लगी है। भिवानी में संतों व गौऱक्षकों ने गोवंश के साथ प्रदर्शन किया। इस अवसर पर सिद्ध पीठ बाबा जहरगिरी आश्रम के मठाधीश श्री महंत डॉक्टर अशोक कुमार गिरी महाराज ने अभियान का नेतृत्व किया। इस अवसर पर उनके साथ गौ रक्षक सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति व संत महात्मा रहे। देश भर में गौहत्या बंद करवाने और गाय को राष्ट्र माता का दर्जा दिलाने की मांग समय समय पर उठती रही है। पर बीते कुछ समय से ये मांगें जोर पकड़ने लगी है। भिवानी में तो आज संतों व गौरक्षकों ने गोवंश लेकर सड़कों पर प्रदर्शन किया। लघु सचिवालय पर डीसी के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम सौंपा गया। इस अवसर पर अंतर्राष्ट्रीय संत डॉ. अशोकगिरी महाराज व गौरक्षक संजय परमार ने कहा कि 27 अप्रेल से गौ सेवा सम्मान अभियान तेज हो चुका है। इसके तहत पहले देश भर से पांच करोड़ लोगों को हस्ताक्षर करवाए थे, अब देश भर में 15 करोड़ लोगों के हस्ताक्षर करवाकर राष्ट्रपति को सौंपे जाएंगे। कहा कि 27 अक्टूबर से हम बड़ा आंदोलन करेंगे और 27 फ़रवरी से भूख हड़ताल करेंगे। वही इस अवसर मुस्लिम धर्म से भिवानी मस्जिद कमेटी के प्रधान जोरावर अली ने कहा कि गौ मां को राष्ट्रीय पशु घोषित करने से हिंदू और मुस्लिम की लड़ाई भी खत्म हो जाएगी। उन्होंने कहा कि हमारा मुस्लिम धर्म भी चाहता है कि गौ माता को यह राष्ट्रीय पशु का सम्मान मिलना चाहिए , क्योंकि गौ हिन्दू की माता है तो हमारी भी मां के समान है , इस लिए गौ माता को राष्ट्रीय पशु का सम्मान मिलना चाहिए, इससे देश में हिन्दू और मुस्लिम की लड़ाई पर भी ब्रेक लगेगा।