पश्चिम चंपारण। स्वास्थ्य विभाग के फील्ड वर्करों और संविदा कर्मियों के लिए लागू की गई बायोमेट्रिक उपस्थिति व्यवस्था का विरोध तेज हो गया है। ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस (एटक) के पश्चिम चंपारण जिला अध्यक्ष ओम प्रकाश क्रांति ने मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी (सीएस) और जिला कार्यक्रम प्रबंधक (डीपीएम) को ज्ञापन सौंपकर इस व्यवस्था पर तत्काल पुनर्विचार की मांग की है। एटक का कहना है कि बायोमेट्रिक उपस्थिति कार्यालय में कार्यरत कर्मचारियों के लिए तो उपयुक्त हो सकती है, लेकिन फील्ड में काम करने वाले स्वास्थ्यकर्मियों पर इसे लागू करना व्यवहारिक नहीं है। संगठन के अनुसार कई कर्मियों को प्रतिदिन 20 से 25 किलोमीटर दूर स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) पहुंचकर पहले उपस्थिति दर्ज करनी होगी, फिर फील्ड में जाकर अपनी जिम्मेदारियां निभानी होंगी और शाम को दोबारा पीएचसी लौटकर हाजिरी लगानी पड़ेगी। इससे समय और संसाधनों की बर्बादी के साथ स्वास्थ्य सेवाएं भी प्रभावित हो सकती हैं। एटक ने महिला स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा और लंबी दूरी की यात्रा को भी गंभीर मुद्दा बताया है। संगठन का कहना है कि मौजूदा व्यवस्था से महिला कर्मियों को अनावश्यक कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। संगठन ने मांग की है कि फील्ड वर्करों और संविदा कर्मियों की कार्यप्रणाली के अनुरूप व्यावहारिक उपस्थिति व्यवस्था लागू की जाए। एटक ने चेतावनी दी है कि यदि विभाग ने जल्द कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो जिला पदाधिकारी से मिलकर मामले में हस्तक्षेप की मांग की जाएगी और आगे की रणनीति पर निर्णय लिया जाएगा।